van daroga demanding one lakh bribe arrested
Breaking News Latest News Nanital Uttarakhand Viral News

Uttrakhand: एक लाख की रिश्वत लेता हुआ दारोगा गिरफ्तार, ये था पूरा मामला

चंद्रशेखर जोशी।
उत्तराखण्ड विजिलेंस विभाग ने रिश्वत मांगने की शिकायत पर बडी कार्रवाई करते हुए वन दारोगा को एक लाख रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। आरोप है वन दारोगा ने सीज किए गए डंपरों को छोडने के एवज में दो लाख रुपए की रिश्वत मांगी थी, जबकि डंपरों को गलत तरीके से सीज किया गया था। आरोपी वन दारोगा शैलेंद्र चौहान नैनीताल के रामनगर वन प्रभाग में तैनात है। टीम ने दारोगा को गिरफ्तार कर लिया है साथ ही आगे की कार्रवाई भी की जा रही है। बताया जा रहा है कि दारोगा ने करोडेां रुपए की संपत्ति अर्जित की है, विभाग इसकी भी जांच कर रहा है।
सतर्कता निरीक्षक राम सिंह मेहता के नेतृत्व में गठित ट्रैप टीम ने मंगलवार को गुलजारपुर वन चैकी तराई पश्चिम वन प्रभाग रामनगर में तैनात वन दारोगा शैलेन्द्र चैहान पुत्र भारत सिंह निवासी पट्टी चैहान, जसपुर जनपद ऊधमसिंह नगर को रंगे हाथों एक लाख रूपये की रिश्वत लेते हुए रामनगर भवानी गंज चैराहे से गिरफ्तार कर लिया। उसके विरूद्ध रामनगर के रहने वाले फईम अहमद ने पुलिस अधीक्षक सतर्कता सेक्टर नैनीताल के हल्द्वानी कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई थी कि उसके व साथी नियाज अली के डम्पर बीती सात मार्च को अंदर जाने का टोकन होने के बावजूद बंजारी गेट रामनगर के अंदर वन विभाग की टीम ने गलत तरीके से सीज किये थे। उसके बाद जब वह और नियाज वाहन छुड़वाने के लिए रेंजन से मिले तो उन्होंने वन दारोगा शैलेन्द्र चैहान से मिलने को कहा। दारोगा शैलेन्द्र चैहान ने उच्चाधिकारियों का हवाला देकर डंपर छोड़ने के लिए दो लाख रूपये की मांग की थी। इस शिकायत के जांच करने पर तथ्य सही पाए जाने पर विजिलेंस ने मंगलवार को कार्रवाई की। विजिलेंस विभाग की कार्रवाई से वन विभाग के अधिकारियों में हडकंप मचा हुआ है। गौरतलब है कि वन विभाग अपनी भूमि पर खनन कराता है और इसके लिए पास जारी करता है। वन संपदा को जंगल से ले जाने वाले रास्तों पर चैक पोस्ट के जरिए चेकिंग होती है। जहां जरूरी दस्तावेज ना होने पर गाडियों को सीज कर जुर्माना लगाने का अधिकारी वन अधिनियम के तहत वन विभाग के अधिकारियों को दिया जाता है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.