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केंद्र की इस योजना के तहत सेंटर खोलिये और पाइये ये लाभ, जानिये कैसे

चंद्रशेखर जोशी।
केंद्र सरकार ने कई महत्वकांक्षी योजनाएं देश के नागरिकों के लिए लागू की हैं। इनमें से एक योजना है प्रधानमंत्री भारतीय जनऔषधि परियोजना। इसका उद्देश्य मरीजों को सस्ती दवाएं उपलब्ध कराना है। साथ ही जेनरिक दवाओं के प्रति लोगों को जागरूक करना है। हालांकि इस योजना की शुरूआत कांग्रेस के कार्यकाल में 2008 में हुई थी। तब इसे जन औषधि योजना कहा जाता था। लेकिन मोदी सरकार ने इसका नाम बदलकर प्रधानमंत्री भारतीय जन औषधि परियोजना—जेनेसिस रख दिया। अब इसके तहत हर जनपद में जनऔषिध सेंटर खेाले जा रहे हैं। योजना को देश के सभी 630 जनपदों के अलावा सब—डिवजीन, प्रमुख शहरों और गांव—कस्बों में भी लागू किया जाना है। पांच सौ से अधिक प्रकार की दवाएं इन स्टोर पर उपलब्ध होंगी और सरकार ढाई लाख रुपए तक की आर्थिक मदद भी उपलब्ध कराएगी।

 

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बीपीपीआई चलाती है योजना
इस योजना को ब्यूरो आॅफ फार्मा पीएसयू आॅफ इंडिया चलाती है। इसे डिर्माटमेंट आॅफ फार्मास्यूटिकल्स के तहत 2008 में भारत सरकार ने स्थापित किया था। ये संस्था ही गुणवत्ता पूरक जेनरिक दवाएं बनाने और उनकी मार्केटिंग करने के लिए उत्तरदायी है।
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जनऔषधि केंद्र खोलने के मानक
इस योजना के तहत जनऔषधिक केंद्र खोलने के लिए कोई भी व्यक्त, संस्था आवेदन कर सकती है। लेकिन आवेदनकर्ता के पास बी फार्मा और डी फार्मा की डिग्री होना आवश्यक है। इस तरह का सबूत आवेदन करने के दौरान उपलब्ध कराना होगा। यही नहीं संस्था जिनमें एनजीओ भी शामिल हैं यदि आवेदन करते हैं तो उनको बी मार्फा और डी फार्मा डिग्रीधारकों को नौकरी पर रखना होगा। सरकारी अस्पताल या मेडिकल कॉलेज में जनऔषधि खोलने के लिए नामी संस्था या चेरिटेबल संस्थ का होना आवश्यक है। इसके लिए निजी तौर पर एक व्यक्ति भी आवेदन कर सकता है।

 

 

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जन औषधि खोलने पर क्या मिलेगा लाभ
जनऔषधि केंद्र चलाने वाले व्यक्ति को हर दवा की एमआरपी पर बीस प्रतिशत का मार्जिन दिया जाएगा। इसके अलावा ढाई लाख रुपए तक इंसेटिव भी बीपीपीआई देगी। ये इंसेटिव महीने में होने वाली सेल के आधार पर दिया जाएगा, जो पंद्रह प्रतिशत तक होगा। नार्थ ईस्ट स्टेट और नक्सल प्रभावित इलाकों में इसमें और बढोतरी है। इसी के साथ गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वाले आवेदनकर्ताओं और एससी, एसटी और दिव्यांगों के लिए भी कई रियायतें हैं।

 

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जनऔषधि केंद्र खोलने के लिए क्या चाहिए
—सबसे पहला स्पेस, अपना हो या फिर किराए पर लिया हुआ हो। कम से कम 120 स्केवयर फीट एरिया होना चाहए।
—फार्मासिस्ट का रजिस्ट्रेशन नंबर और नाम, पता।
—अगर फार्मासिस्ट विशेष कैटिगरी जैसे एससी, एसटी में आता है तो उसका प्रमाण।

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ज्यादा जानकारी के लिए इस वेबसाइट पर संपर्क कर सकते हैं http://janaushadhi.gov.in/

 


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