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‘बाबा रामदेव के उत्पादों की जांच की जानी चाहिए’

tapan sen

‘बाबा रामदेव के उत्पादों की जांच की जानी चाहिए’ 
– सीटू के राष्ट्रीय महासचिव बोले, गुमराह करते हैं बाबा रामदेव
– केंद्र सरकार पर लगाया बीएचईएल को निजीकरण करने का आरोप
एमएस नवाज, हरिद्वार।
बीएचईएल की हरिद्वार इकाई में चल रहे श्रमिक यूनियनों के मान्यता चुनाव में प्रचार के लिए पहुंचे सीपीआईएम की मजदूर विंग सीटू के राष्ट्रीय महामंत्री कामरेड तपन सेन ने योगगुरु बाबा रामदवे पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि कि बाबा रामदेव ने कांग्रेस और भाजपा की मदद से इतना बड़ा साम्राज्य खड़ा किया है। लोगों को गुमराह कर अपने उत्पादों को बेचने का काम कर रहे हैं। उनके सभी उत्पादों की जांच की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि हमने 2005 में भी उनके उत्पादों की जांच करने की मांग उठाई थी।

धोखा है मेक इन इंडिया कार्यक्रम
तपन सेन ने मोदी सरकार की महत्वाकांक्षी योजना मेक इन इंडिया पर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने कहा कि मेक इन इंडिया के जरिए निजी कंपनियों को बढ़ावा दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि बीएचईएल जैसी महारत्न कंपनियों को निजीकरण की ओर झकेला जा रहा है। इसी तरह रक्षा क्षेत्र में काम करने वाली कंपनियों का उत्पादन तीस प्रतिशत तक कम कर दिया गया है। ताकि निजी क्षेत्र की कंपनियों को मौका दिया जा सके। उन्होंने कहा कि ये सरकार पूंजीवादी नीतियों को प्रभावी तरीके से लागू कर रही है। लेकिन, इन सबके खिलाफ लगातार आंदोलन किया जाएगा।

बीस प्रतिशत कंपनियां बंद हुई
उन्होंने कहा कि देश के आर्थिक हालात अच्छे नहीं है। देश में बीस प्रतिशत औद्योगिक कारखाने बंद हो गए हैं। इसका कारण गलत नीतियां हैं। ये पिछले दो सालों में ही हुआ है। लेकिन, सरकार अभी भी सुध नहीं ले रही है।

श्रम कानूनों में कर रहे हैं संशोधन
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार अपने पूंजीपति आकाओं को लाभ पहुंचाने के लिए श्रम कानूनों में बदलाव कर रही है। इसी तरह एक प्रस्ताव लाया गया है। जिसमें चालीस से अधिक मजदूरों वाली कंपनियों में ही श्रम कानून का पालन बाध्य होगा। इस नियम से देश की सत्तर प्रतिशत कंपनियों के मजदूरों को भारी नुकसान होने जा रहा है। इसलिए मजदूरों को एकजुट होना पड़ेगा। पीएफ के मामले में भी मजदूरों की एकता के कारण ही सरकार को पीछे हटना पड़ा।

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