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‘शहजाद ने कहा बहनजी मेरी नेता, प्रदेश अध्यक्ष बोले नो एंट्री’

परवेज आलम।
बसपा में एंट्री की आस लगाए बैठे पूर्व विधायक मौहम्मद शहजाद अभी भी बसपा में वापसी की आस लगाए हैं। जबकि उतराखण्ड बसपा के प्रदेश अध्यक्ष ने रूडकी में एक बार फिर दोहराया है कि बागियों को किसी तरह की एंट्री पार्टी में नहीं मिलेगी। वहीं मौहम्मद शहजाद ने कलियर में आयोजित डा. अंबेडकर के निर्वाण दिवस के मौके पर कहा कि बहन मायावती उनकी नेता है कांशीराम उनके आदर्श। उन्होंने कहा कि बसपा ही मेरी प्राथमिकता है।
गौरतलब है कि बसपा ने जिला पंचायत चुनाव के एन वक्त पहले उन्हें पार्टी से बाहर कर दिया था। शहजाद पर कांग्रेस भी डोर डाल रही है। अभी क उन्होंने कुछ फाइनल नहीं किया है। शहजाद ने कलियर में आयोजित कार्यक्रम में एक बार फिर बसपा में वापसी के संकेत दिए हैं। लेकिन, कलियर से कुछ दूरी पर ही आयोजित बसपा के कार्यक्रम में शिरकत करने आए प्रदेश अध्यक्ष​ बिरघुरशन राव ने ऐसे तमाम कयासों पर विराल लगाया है। उन्होंने कहा कि बसपा में बागियों की कोई जगह नहीं है। इस तरह की सभी ​अटकलों पर विराम लगाते हुए उन्होंने कहा कि पार्टी विरोधी गतिविधियों में पाए गए लोगों की किसी भी कीमत पर पार्टी में एंट्री नहीं हो सकती है। हालांकि, पार्टी में शहजाद का पक्ष भी कुछ लोग कर रहे हैं। लेकिन जिन लोगों को शहजाद ने हाल ही में पार्टी में एंट्री कराई थी। वो ही अब उनका विरोध कर रहे हैं। इनमें से एक युवा नेता को पार्टी ने अपना उम्मीदवार भी बनाया है। बताया जा रहा है कि शहजाद के वापस आने से ऐसे नेताओं को ही सबसे ज्यादा नुकसान हो सकता है। क्योंकि ये खुद को अभी से विधायक मान बैठे हैं और चुनाव बाद गठबंधन की संभावना को देखते हुए इन्हें अपनी लॉटरी खुलने की उम्मीद है। शहजाद पार्टी में आते हैं तो शायद ये इनके लिए मुमकिन नहीं होगा।
वहीं कांग्रेस और भाजपा दोनों ही दल शहजाद को अपने पाले में लेने के लिए खडे हैं। क्योंकि शहजाद सबसे बडे जनाधार वाले मुस्लिम नेता हैं जो पिछले काफी समय से सक्रिय हैं। शहजाद जिस भी पार्टी में जाएंगे विधानसभा चुनाव में फायदा तय है।

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