Dehradun Latest News Viral News

नई सोच— ‘दून के गंदे पानी से बनेगी बिजली, लहलहाएंगे खेत’

राम नरेश यादव, हरिद्वार।
दून इण्टरनेशनल स्कूल के दो बच्चों ने एक ऐसा कंन्सेप्ट तैयार किया है जिससे शहर के गन्दे पानी से बिजली भी तैयार जो जायेगी और शुद्धिकरण के बाद पानी को कृषि उपज बढ़ाने के लिए सिंचाई के रूप में प्रयोग किया जा सकता है। यह कंसेप्ट कक्षा नौ के छात्र यशोवर्धन सिंह एवं तनयकान्त मौर्या ने संयुक्त रूप से तैयार किया जिसको दून इण्टरनेशनल स्कूल में आयोजित प्रदर्शनी में प्रस्तुत किया गया। इस परिकल्पना के मुख्य सूत्रधार छात्र यशोवर्द्धन सिंह के पिता हरिद्वार स्थित सिंचाई विभाग यूपी में अधिशासी अभियन्ता हैं।
स्कूल की प्रदर्शनी में प्रस्तुत अपने कंसेप्ट की जानकारी देते हुए छात्र यशोवर्द्धन सिंह ने बताया कि उन्होंने अपने साथी तनयकान्त मौर्या के साथ मिलकर जो कंसेप्ट माडल तैयार किया है उसके अनुसार देहरादून शहर की नालियों एवं सीवेज के पानी को एक चैनल में लाकर एक स्थान पर एसएसटी से उसे शुद्धकर डोईवाला की तरफ ढाल पर ले जाने से इतनी ऊंचाई प्राप्त हो जायेगी कि बांधों की पेनस्टोक की भांति पर्याप्त मात्रा में बिजली बनायी जा सकती है। इस परियोजना से न तो गंगा बंधेगी न उसकी अविरलता बाधित होगी और गंदे पानी को शुद्धिकृत कर कृषि में सिंचाई के लिए प्रयुक्त करने से कृषि उपज बढ़ेगी और शहर का गंदा पानी गंगा में न जाने से गंगा भी प्रदूषण मुक्त रहेगी। बच्चों ने बताया कि जिस पानी को हम गंदा समझते हैं वास्तव में वह सोना है जो हमारी ऊर्जा एवं कृषि उपज दोनों आवश्यकताओं की पूर्ति करेगा। उन्होंने बताया कि देहरादून एवं हरिद्वार के बीच में तीव्र ढाल है। जिसका हम विद्युत उत्पादन में भरपूर उपयोग कर ऊर्जा प्रदेश बनने का सपना साकार कर सकते हैं। जल ही जीवन का नारा साकार करने की परिकल्पना प्रस्तुत करते हुए उन्होंने सुझाव दिए हैं कि जल से जीवन का गहरा रिश्ता है और जल को व्यर्थ में न बहाकर उसका सदुपयोग करना चाहिए तभी हम और हमारा देश आत्म निर्भरता एवं सम्पन्नता की ओर जा सकते हैं। उन्होंने बताया कि एसटीपी से निकले पानी में बड़ी मात्रा में उर्वरा शक्ति होती है उस पानी के बाद कृषकों को अपने खेतों में रासायनिक उर्वरकों की आवश्यकता ही नहीं होगी। जब किसान खुशहाल होगा तभी देश खुशहाल होगा।

One Reply to “नई सोच— ‘दून के गंदे पानी से बनेगी बिजली, लहलहाएंगे खेत’

  1. My Congratulations to Yashovardhan and Tanaykant as I have worked on Maneri Bhali Stage II project for generation of hydro electricity, I appreciate the concept and hope Govt will try to implement the concept and if I am of any help, will be more than happy to come forward for geological advice for stability if the project which is also very essential for feasibility and sustainability

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.