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‘रूडकी में पत्रकार पर बिठाया पहरा, सीएम के कार्यक्रम में नहीं जाने दिया’

परवेज आलम।
सीएम हरीश रावत के भगवानपुर के कार्यक्रम में जाने के लिए तैयारी कर रहे रूडकी के सीनियर पत्रकार एम.हसीन पर पुलिस ने पहरा बिठा दिया। उन्हें उनके घर में ही नजरबंद कर दिया गया। हालांकि, पुलिस का कहना है कि सीएम के कार्यक्रम में शांति व्यवस्था को देखते हुए ऐसा किया गया है। लेकिन उन्हें नजरबंद नहीं किया गया है। सिर्फ एहतियातन कदम उठाया गया है। सीएम का प्रोग्राम खत्म होने तक उनके घर पर पुलिस और एलआईयू का पहरा रहा। इसको लेकर रूडकी के पत्रकारों ने भी नाराजगी जताई है।

 

क्यों बिठाया गया पहरा
असल में पत्रकार एम. हसीन सीएम हरीश रावत से मिलने का समय चाह रहे थे। वो सीएम हरीश रावत से मीडिया पॉलिसी और अन्य मसलों पर सवाल करना चाहते थे। इस संबंध में उन्होंने मंगलवार सुबह सीएम के मीडिया सलाहकार सुरेंद्र अग्रवाल से बात की थी। इसके बाद ही उनके घर करीग ग्यारह बजे पुलिस के सब इंस्पेक्टर, दो सिपाही और एलआईयू ने पहरा बिठा दिया गया। उन्हें कहीं भी जाने से मना कर दिया गया। हालांकि, उन्हें इसका कारण नहीं बताया गया। शाम को सीएम का कार्यक्रम खत्म होने तक पुलिस उनके घर जमी रही।

 
क्या कहते हैं पत्रकार

पत्रकार एम.हसीन ने बताया कि मैंने सुबह मीडिया सलाहकार सुरेंद्र अग्रवाल से बात की थी। मैं पिछले कई दिनों से सीएम से मिलने का वक्त मांग रहा था। जब मैंने कहा कि मैं भगवानपुर जा रहा हूं और वही सवाल करूंगा तो उन्होंने मुझे कहा कि आप वहां नहीं जाओगे। इसके बाद उन्होंने फोन काट दिया। कुछ देर बाद पुलिस आई और मुझे घर से ना जाने के लिए कहा गया। मैंने कारण पूछा तो मुझे कुछ नहीं बताया गया। ये सब सुरेंद्र अग्रवाल के ​इशारे पर हुआ है।

 

क्या कहते हैं सुरेंद्र अग्रवाल

सीएम के मीडिया सलाहकार सुरेंद्र अग्रवाल ने बताया कि मेरी सुबह बात हुई थी लेकिन बात नार्मल थी। मेरे वो अच्छे परिचित हैं। उन्होंने मुझे पुलिस के पहुंचने के बारे में भी बताया था। मैंने फोन करके पुलिसकर्मियों को भी धमकाया था। ऐसा क्यों किया गया मुझे जानकारी नहीं हैं। हम इस तरह के कार्यों पर विश्वास नहीं रखते हैं। वो मुझ पर यदि आरोप लगा रहे हैं तो मैं इसमें कुछ नहीं कह सकता हूं।

 
क्या कहती है पुलिस

सीओ रूडकी स्वपन किशोर ने बताया कि हमने किसी को नजरबंद नहीं किया है। सीएम के कार्यक्रम को शांति पूर्वक संपन्न कराने के लिए ही सभी एहतियातन कदम उठाए गए हैं।

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