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‘यतीश्वरानंद—अनुपमा का नहीं करेंगे समर्थन, चौहान उम्मीदवार चाहिए’

चंद्रशेखर जोशी।
चौहान बिरादरी ने चुनाव आते ही अपने पत्ते खोल दिए हैं। क्षत्रिय समाज ने दो टूक कहा कि हरिद्वार ग्रामीण और लक्सर विधानसभा पर क्षत्रिय समाज का उम्मीदवार होना चाहिए। चौहान उम्मीदवार नहीं होने पर राष्ट्रीय दलों का समर्थन नहीं किया जाएगा। उन्होंने साफ कहा कि भाजपा से स्वामी यतीश्वरानंद और कांग्रेस की अनुपमा रावत हमें किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं है। वहीं निर्दलीय उम्मीदवार की संभावनाओं को भी उन्हें खुला रखा है। चौहान बिरादरी से किसी को टिकट नहीं मिलता है तो निर्दलीय उम्मीदवार को समर्थन किया जा सकता है। हालांकि, जब उनसे ये पूछा गया कि अनुपमा रावत खुद क्षत्रिय समाज से आती हैं तो उन्होंने कहा कि हमें स्थानीय ठाकुर चाहिए, बाहर के किसी प्रत्याशी का हम समर्थन नहीं करेंगे।
प्रेस क्लब में आयोजित प्रेस वार्ता में चौहान क्षत्रिय कल्याण महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष ठाकुर जयपाल सिंह ने बताया कि लक्सर, खानपुर और हरिद्वार ग्रामीण विधानसभा सीटों पर चौहानों की वोट निर्णायक भूमिका में हैं। इसलिए कम से कम हरिद्वार ग्रामीण और लक्सर विधानसभा से चौहान को उम्मीदवार बनाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि भाजपा और कांग्रेस जो भी पार्टी हमारी मांग को मानेंगी हम उसी का समर्थन करेंगे। ऐसा नहीं हुआ तो हम उस पार्टी को वोट नहीं देंगे। उन्होंने ये भी कहा कि अगर दोनों ही दलों ने चौहान बिरादरी की उपेक्षा की तो हम तीसरा विकल्प तलाश लेंगे। लेकिन भाजपा और कांग्रेस का समर्थन नहीं करेंगे। हालांकि, प्रेस वार्ता के दौरान भाजपा और कांग्रेस दोनों ही के नेता भी उपस्थित रहे। लेकिन उन्होंने इस फैसले पर साफतौर पर कुछ भी कहने से इनकार कर दिया। भाजपा नेता कदम सिंह चौहान ने कहा कि टिकट बंटवारे के बाद ही अंतिम फैसला लिया जाएगा। लेकिन चौहानों को प्रतिनिधित्व मिलना चाहिए इस पर हम सब एक हैं।
आपको बता दें कि अनुपमा रावत खुद क्षत्रिय हैं और हाल ही में सीएम हरीश रावत ने यहां खागी चौहानों को ओबीसी का दर्जा दिया हैं। चौहानों के सीनियर नेता बलवंत सिंह चौहान को मंडी समिति ज्वालापुर का अध्यक्ष बनाया गया है। उधर, चौहान समाज से पिछली बार बसपा, कांग्रेस और भाजपा ने रानीपुर से अपने उम्मीदवार बनाए थे। इनमें भाजपा के आदेश चौहान जीते थे। लेकिन इस बार चौहान समाज रानीपुर के साथ—साथ हरिद्वार ग्रामीण और लक्सर से भी दावेदारी ठोंक रहा है। वहीं चौहान बिरादरी का एक गुट पहले ही हरिद्वार ग्रामीण के विधायक स्वामी यतीश्वरानंद का विरोध कर चुका हैं। स्थानीय प्रत्याशी के समले पर स्वामी यतीश्वरानंद का विरोध करने के कारण भाजपा ने अर्जुन चौहान समेत कई भाजपा नेताओं के खिलाफ कार्रवाई भी की थी।
अब देखना होगा कि चौहान फेक्टर के आगे भाजपा और कांग्रेस अपनी रणनीति बदलती है या फिर इस दबाव को द​रकिनार करती है।

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