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हिंदूवादी नेता अधीर कौशिक की पिटाई पर क्या कहते हैं भाजपा के वरिष्ठ नेता, क्या लगे आरोप

रतनमणि डोभाल।
कुछ दिन पहले भाजपा नेता सचिन बेनीवाल और स्थानीय हिंदूवादी नेता अधीर कौशिक के बीच हुए विवाद के बाद अधीर कौशिक के समर्थन में कई संगठन सामने आए हैं और बडे संत बाबा हठयोगी ने तो सीधे शहरी विकास मंत्री मदन कौशिक को चुनौती देते हुए 2022 में परिणाम भुगतने की चेतावनी ही दे डाली। लेकिन इस मामले में अभी तक भाजपा की ओर से कोई प्रतिक्रिया नही आई है, लेकिन हमने हरिद्वार के कुछ वरिष्ठ भाजपा नेताओं से इस बाबत पूछा तो उन्होंने अपनी प्रतिक्रिया दी।
नगर निगम हरिद्वार के नेता प्रतिपक्ष सुनील गुड्डू ने बताया कि राजनीति में पक्ष—विपक्ष होते हैं और विपक्ष को सत्ता पक्ष की आलोचना का अधिकार हैं। अधीर कौशिक भी विकास कार्यों को लेकर आलोचना कर सकते हैं लेकिन किसी नेता को सीधे गाली देना और उस पर मनगढंत आरोप लगाना बिल्कुल ठीक नहीं है। ऐसे में विवाद की संभावना बन जाती है, यही वहां भी हुआ। सचिन बेनीवाल के सामने हमारे नेता को गाली दी जा रही थी तो विवाद बढ गया। हालांकि हम हर प्रकार की हिंसा का विरोध करते हैं। लेकिन, अधीर कौशिक को इस तरह के कार्यों से बचना चाहिए।
भाजपा के युवा मोर्चा के पूर्व जिलाध्यक्ष नरेश शर्मा ने कहा कि अधीर कौशिक को अपनी मार्यादा नहीं भूलनी चाहिए। कोई अपने नेता के बारे में गाली गलौच और अमर्यादित भाषा कैसे सहन कर लेगा। सचिन बेनीवाल ने इसी बात का विरोध किया था, उसने कुछ गलत नहीं किया, बल्कि वीडियो में अधीर कौशिक ही हाथ उठाते हुए दिख रहे हैं। अमर्यादित शब्दों का विरोध करना हर कार्यकर्ता का अधिकार हैं, मैं वहां होता तो मैं भी विरोध करता है। अधीर कौशिक को लोकतांत्रिक तरीके से अपना विरोध करना चाहिए था, लेकिन अगर गलत बात करोगे तो उसे सहन नहीं किया जाएगा।
भाजपा के जिला महामंत्री विकास तिवारी ने कहा कि सभी को विरोध करने का अधिकार हैं लेकिन विरोध के नाम पर गाली—गलौच और अमर्यादित शब्दों का प्रयोग ठीक बात नहीं है। जो हुआ उसको नहीं होना चाहिए था। फिर मेरा मानना है कि शब्दों का चयन सही रखना चाहिए। जहां तक सत्ता पक्ष का विरोध करने की बात हैं तो आप कीजिए किसने मना किया है।
अखिल भारतीय तीर्थ पुरोहित महासभा के अध्यक्ष उज्जवल पंडित ने कहा कि अब ये कहा जा रहा है कि ब्राह्मण समाज का अपमान कर दिया है। मेरा मानना है कि किसी निजी मामले को समाज से जोडकर समाज में घृणा फैलाने का काम नहीं करना चाहिए राजनीति में सबका साथ—सबका विकास की अवधारणा चलती है, लेकिन यहां मामले को तूल देने का प्रयास किया जा रहा है, जिसका कोई लाभ मिलने वाला नहीं है। जहां तक सचिन बेनीवाल का मामला है, उन्होंने अपने नेता के बारे में बोले जा रहे अपशब्दों का विरोध किया था।

गौरतलब है कि अधीर कौशिक के समर्थन में कई लोग सामने आए हैं। कांग्रेस ने भी उनका समर्थन किया है और इसे गलत बता रहे हैं।

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