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‘सूबे में अच्छे दिनों के लिए लगाना होगा भाजपा का इंजन’ बाकी भाषण पुराना

ब्यूरो।
देहरादून में परिवर्तन रैली को संबोधित करते हुए पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि उत्तराखंड आज बर्बाद किया जा चुका है। राज्य गड्ढे में हैं, इसे मुसीबतों से बाहर निकालने में डबल इंजन की जरुरत है। उन्होंने कहा कि दिल्ली में इंजन लगा है, अब देहरादून में भी इंजन लगा दो। तब ही राज्य का विकास होगा। इसके जरिए उन्होंने सीधे तौर पर विधानसभा चुनावों में भाजपा की सरकार बनाने की जनता से अपील की। उन्होेंने भ्रष्टाचार की बात छेडते हुए कहा कि इंसान पैसे खाता है हमने सुना था लेकिन उत्तराखण्ड में तो स्कूटर भी पैसे खाता है। असल में पीएम मोदी केदारनाथ आपदा राहत घोटाले का जिक्र कर रहे थे। इसमें आपदा राहत राशि की बंदरबांट के आरोप कांग्रेस सरकार पर लगे थे।

 

भीड़ को देखकर खुश हुए मोदी
पीएम मोदी रैली में सुनने आए भीड को देखकर खुश हुए और उन्होंने कहा कि ये जनसैलाब, इतनी बड़ी संख्या में यहां लोगों का आना इस बात का सुबूत है उत्तराखंड अब विकास के लिए इंतज़ार नहीं करना चाहता है। उनके मुताबिक, बिना बजट के पत्थर लगाने से विकास नहीं होता है।

 

मोदी ने श्रवण की याद दिलाई
मोदी ने कहा कि पुराने ज़माने में मां- बाप को यात्रा करने के लिए श्रवण को याद किया जाता है, वैसे ही आने वाले दिनों में आप श्रवण को याद करोगे। इस दौरान मोदी ने खुद को श्रवण कहा। पहाड़ का पानी और पहाड़ की जवानी कभी पहाड़ के काम नहीं आती है। मैं उत्तराखंड के हर गली-मोहल्ले और सुख-दुख से परिचित हूं। मैं देवभूमि के आशीर्वाद में ही पला-बढ़ा हूूंं। यहां गरीब मां के शरीर में चूल्हे के धुंए से 400 सिगरट का धुआं जाता है। हमने मां बहनों को इस धुंए से मुक्ति दिलाई। ये विकास कार्य गरीबों के कल्याण के लिए है। उत्तराखंड की धरती में हर घर में जिजामाता और शिवाजी है। यहां के जवान सीमा पर सीना तानकर खड़े रहते है।

 

हरीश के शिलान्यासों पर किया तंज
उन्होंने कहा कि मैं चाहता तो पहले दिन ही दो गाडी लाता और शिलान्यास कर देता। लेकिन मैं वैसा नहीं हूं। जनता सबकुछ जानती है। विपक्षियों पर तंज कसते हुए कहा कि योजना के पत्थर गाड़ते चले जाओगे तो क्या होगा। जल्दबाजी में शिलान्यास से राजनीति तो चल सकती है समाजनीति नहीं। इसलिए हमने समय लिया। योजना बनाई और फिर काम किया। अपने भाषण में उन्होंने केंद्रीय सड़क परिवहन मंंत्री नितिन गडकरी की भी तारीफ की।

 
बिजली—सिलेंडर की बात कही
आजादी के इतने साल बाद भी देश में 18 हजार गांव ऐसे निकले जहा बिजली नहीं थी। वे गांव 18 वीं शताब्दी में जी रहे थे। हमने बीड़ा उठाया और 1000 दिन में बिजली पहुंचायेंगे का वादा किया। कहा, अफसर अब देखेंगे कि 70 साल में जो नहीं हुआ वो 1000 दिन में कैसे होगा। लेकिन, 1000 दिन नहीं हुए और 12000 गांव में बिजली पहुंचा दी। उत्तराखंड के गांव भी थे वहां भी बिजली पहुंचाई जा रही है। एक जमाना ऐसा भी था जब सिलेंडर लेने में जान-पहचान चलती थी। उन्होंने कहा गैस सिलेंडर लेने में जान पहचान निकालनी पड़ती थी। दिल्ली में कांग्रेस के अधिवेशन में घोषणा हुई कि हमारी सरकार हुई तो अभी एक साल में नौ सिलेंडर मिलते है तो बाद में 12 मिलेंगे। लेकिन, जब हमारी भाजपा की सरकार आयी तो हमने पांच करोड़ गरीबों को गैस का चूल्हा दिया।

 

 

उत्तराखण्ड में भी बंद करेंगे नौकरियों में साक्षात्कार
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि एक मामूली नौकरी के लिए भी जान पहचान की बात कही जाती थी। हरे रंग के नोट वाले गांधी जी चाहिए थे। 30 सैकेंड में गांधी जी लेकर इंटरव्यू होते थे। पैसे लेकर नौकरी दी जाती थी। हमने वर्ग 3 और 4 में साक्षात्कार बंद कर दिया। राज्यों को भी कहा कि हमने किया तुम भी करो। लेकिन वे नहीं चाहते। कोई नहीं अब थोड़े दिन ही है, जैसे ही उत्तराखंड में भाजपा सरकार बनेगी। यहां भी ये काम हो जाएगा।

 

 

नोटबंदी को बताया सफाई अभियान
नोटबंदी को लेकर उन्होंने कहा कि हम नोटों के खिलाफ लड़ रहे हैं। लोग बिस्तर में नोट भरकर सोते थे। ये गरीब का पैसा है। 1000-500 का नोट बंद कर सबके कपड़े खोल दिए। कुछ लोगों के खून में बेइमानी है। ऐसे लोगों ने पीछे के रास्ते से नोट बदल दिया। लेकिन, आज पकडे जा रहे हैं। ये सफाई अभियान है। मेरे पास सवा सौ करोड़ देशवासियों का रक्षा कवच है। मुझ पर ऊंगली नहीं उठा पाओगे।

 
वन रैंक वन पेंशन पर थपथपाई पीठ
मोदी ने कहा कि 40 साल से सेना के जवान वन रैंक वन पेंशन की मांग कर रहे थे। 70 साल तक जिस परिवार ने राज किया उन्हें सेना की याद नहीं आयी। जब चुनाव आया तो कांग्रेस को लगा की मोदी को सेना से प्यार है तो कांग्रेस ने 500 करोड खाते में डाल दिया। जबकि वन रैंक वन पेंंशन का बजट 10 हजार करोड़ है। कांग्रेस ने सेना से मजाक किया। हम आये हमे लगा कि 10 हजार करोड़ एक साथ ज्यादा है। मैंने मदद मांगी और चार किश्ते कर दी। उन्होंने कहा कि मैं सेना के जवानों को सलाम करता हुंं। अब तक 2 हजार 600 करोड़ रुपए पहुंचा दिया है। उत्तराखंड में शायद ही कोई गांव होगा। जहां वन रैंक वन पेंशन ना आती हो। इससे यहां आर्थिकी बढ़ी है।

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