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हरिद्वार: भूमिगत गैस—विद्युत लाइन कार्य में बड़ा भ्रष्टाचार, पढिए क्या हैं गंभीर आरोप

रतनमणि डोभाल.
हरिद्वार में डाली जा रही भूमिगत गैस और विद्युत लाइन कार्य में नियमों की अनदेखी करने और मनमाने तरीके से काम करने का आरोप शहरी के जाने—माने समाजसेवियों ने लगाया है। यही नहीं इनका आरोप है कि संबंधित विभाग कार्रवाई करने के बजाए लेटर—लेटर खेल रहे हैं। वहीं उन्होंने हरिद्वार के लोगों से इसके खिलाफ खडे होने की अपील भी की है। गौरतलब है कि हरिद्वार में हाल ही में गैस रिसने के दो मामले सामने आ चुके हैं, जबकि एक मामले में तो रिसाव के कारण आग भी लग गई थी। वहीं जगह—जगह खुदाई होने और एक के उपर एक केबल डालने से आए दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं।
वरिष्ठ समाजसेवी डा. विशाल गर्ग ने बताया कि विकास के नाम पर पूरे शहर को खोद कर डाल दिया गया है और भूमिगत गैस पाइप लाइन और विद्युत लाइन डालते हुए नियमों की अनदेखी की जा रही है। जबकि गैस पाइप लाइन और विद्युत लाइन को कम से कम चार से पाच फीट नीते गहराई में डाला जाना चाहिए था। लेकिन विद्युत लाइन महज दो फुट की गहराई पर कहीं इससे भी कम डाली जा रही है। उधर, गैस पाइप लाइन का भी यही हाल है।
उन्होंने कहा कि लोक निर्माण विभाग ने रोड कटिंग के​ लिए अनुमति जारी करते हुए साफ कहा था कि 15 जून के बाद रोड कटिंग नहीं की जा सकती है और 20 जून से पहले रोड कटिंग को ठीक करना होगा। लेकिन यहां बरसात का सीजन चल रहा है और लगातार सडकों की खुदाई की जा रही है। यही नहीं पहले सौ मीटर पर खुदाई की जानी थी और इसे ठीक कर आगे का काम करना था। लेकिन, पूरे शहर को एक साथ खोद कर डाल दिया गया है। इससे आए दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं।

भाजपा नेता ने भी लगाए आरोप
वरिष्ठ भाजपा नेता और सामाजिक कार्यकर्ता दिनेश जोशी ने भी पूरे मामले को शहर के लोगों के लिए गंभीर परिणाम भुगतने वाला बताया है। उन्होंने कहा कि जिस तरीके से नियमों की अनदेखी की जा रही है। उससे पूरा शहर बारुद के ढेर पर बैठा है। उन्होंने कहा कि इस पूरे मामले की जांच की जानी चाहिए।

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क्या कहते हैं अफसर
लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता दीपक कुमार ने बताया कि हमने इस बाबत दोनों कार्यदायी संस्थाओं को कई बार पत्र लिखे हैं लेकिन कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिल पाया है। उन्होंने कहा कि कुछ जगह कमियां नजर आई हैं वहां ठीक करने के लिए कहा जा रहा है।

One Reply to “हरिद्वार: भूमिगत गैस—विद्युत लाइन कार्य में बड़ा भ्रष्टाचार, पढिए क्या हैं गंभीर आरोप

  1. Cable laying has to be sarrounded by bricks layer, and the department would just place some bricks around 50 feet apart.
    the Gas Pipeline threading has to be proper, and as far as I know should be pressure tested for leakage.

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