युवा तुर्क

युवा तुर्क—’धर्म—जाति की राजनीति युवाओं के सामने सबड़े बड़ी चुनौती’

आम आदमी पार्टी के अल्पसंख्यक मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष शारिक अफरोज बदलाव की राजनीति में यकीन रखते हैं, जहां परिवारवाद और भ्रष्टाचार की जगह ना हो। आईटी प्रोफेशनल इस नौजनवान युवा नेता के क्या सपने हैं और अगर उन्हें सीएम बनने का मौका मिलेगा तो वो कौन से काम हैं जिन्हें वो तरजीह देगे, आइये जानते हैं…

प्रश्न— राजनीति में युवाओं की भूमिका किस तरह देखते हैं?
उत्तर- ये एक सुनहरा अवसर है कि हमारे देश का हर तीसरा व्यक्ति युवा है, IRIS की रिपोर्ट के अनुसार अगले कुछ सालों में भारत दुनिया का सबसे युवा राष्ट्र होगा, ऐसे में राष्ट्र उन्नति के लिए युवाओं की सक्रीय राजनीतिक भागीदारी बहुत अहम है। सक्रिय राजनीति में युवाओं की सही नुमाइंदगी युवा ही कर सकते हैं ,देश का युवा सही निर्णय लेने में समर्थ भी है और सक्षम भी। इतिहास गवाह है कि जब जब देश का युवा जाग खड़ा हुआ है तो इंक़लाब आया है और हमारे देश को आज भ्रष्टाचार के खिलाफ उसी इंक़लाब की ज़रूरत आन पड़ी है।

प्रश्न— आपको राजनीति में आने के लिए किससे प्रेरणा मिली?
उत्तर- 1957 में हरोडा सीट पर कांग्रेस को चुनौती देने वाले हाजी अब्दुल्ला हमारे नाना थे। समाज सेवा का जज़्बा तो हमारी परवरिश और तरबियत का हिस्सा रहा है, गलत को गलत और सही को सही कहने की तरबियत मुझे अपने बुजुर्गों से मिली है। लेकिन आज के दौर में सक्रिय राजनीति में मुझे सबसे ज़्यादा अरविंद केजरीवाल ने प्रेरित किया है।

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प्रश्न— आपकी शुरूआत छात्र राजनीति से हुई या किसी और कारन से राजनीति में आए हैं या फिर सीधे ही सक्रिय राजनीति में आए हैं?
उत्तर : अलीगढ मुस्लिम यूनिवर्सिटी में पढ़ते वक़्त भी हम छात्र राजनीति में सक्रिय थे, परंतु तब कोई भी राजनीतिक मंच ऐसा नहीं दिखा जो हमें सक्रिय राजनीति के लिए प्रेरित कर सकता। 2011 में अन्ना हज़ारे और अरविंद केजरीवाल ने इंडिया अगेंस्ट करप्शन के मंच पर अच्छे और सच्चे लोगों को एकजुट होने को कहा तो हमें अपने उसूलों के अनुरूप एक मंच दिखा और हम जी जान से लग गए देश को बदलने के प्रयास में। फिर जब अरविंद जी ने आम आदमी पार्टी का ऐलान किया तो हमें यकीन हुआ की इस पार्टी में रहते हुए हम ईमानदारी से बिना अपने उसूलों का समझौता किये राजनीति को बदलने की कोशिश कर सकते हैं और वहीँ से सक्रिय राजनीति का हमारा सफर शुरू हुआ।

प्रश्न — आप को राजनीति में किन चुनौतियों का सामना करना पड़ा?
उत्तर – देश बेहद मुश्किल दौर से गुज़र रहा है, ऐसे में राजनीतिक चुनौतियाँ बहुत ज़्यादा और बड़ी होती हैं, देश में ईमानदारी से विश्वास खत्म सा हो गया है, यह बहुत गंभीर है और बड़ी चुनौती है, कुछ लोगों ने अपने सत्तामोह और स्वार्थ के लिए समाज को जाति और धर्म के आधार पर बाँट रखा है। लोगों को विकास की सही परिभाषा समझाना और जाति व् धर्म से ऊपर इंसानियत के मुद्दों पर लाना मुझे बड़ी चुनौतियां लगती हैं , लेकिन जिस तरह का समर्थन हमें पुरे देश में मिल रहा है उससे मै आशान्वित हूँ की हम इन चुनौतियों को हराने में कामयाब होंगे इंशाअल्लाह।

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प्रश्न —राजनीति में आने के लिए आपको परिवार में सबसे ज्यादा सहयोग किससे मिला?
उत्तर — मेरे वालिद जो भारतीय वायु सेना के रिटायर्ड अधिकारी हैं सबसे ज़्यादा उनका सहयोग है, मेरा पूरा परिवार मेरा पूर्ण सहयोग करता है । हाँ परिवार को उतना वक़्त नहीं दे पाता ये शिकायत अक्सर सुन ने को मिलती है। लेकिन देश बदलने के लिए क़ुरबानी तो देनी ही होगी।

प्रश्न —राजनीति में आपका रोल मॉडल कौन है?
उत्तर- मुझे फक्र है कि राजनीति में अरविन्द केजरीवाल मेरे रोल मॉडल हैं।

प्रश्न —क्या बिना पैसे के राजनीति में अच्छा मुकाम मिल सकता है?
उत्तर – बिल्कुल मिल सकता है, मैं एक मध्यम वर्ग परिवार से हूँ और हमारी पार्टी में आपको ऐसे अनेक उदाहरण मिल जायेंगे, दूसरी किसी पार्टी में शायद ये संभव नहीं लेकिन वहीँ से भ्रष्टाचार शुरू होता है। पैसे से राजनीति नहीं व्यापार होता है और इसी के खिलाफ हम लड़ रहे हैं।

प्रश्न —क्या भाई—भतीजावाद के सामने युवा प्रतिभा दम तोड रही हैं?
उत्तर – परिवारवाद एक राजनीतिक अभिशाप है जिसकी बलि अनेक प्रतिभाय चढ़ती आयी हैं, आम आदमी पार्टी एक मात्र ऐसी पार्टी है जिसमे एक परिवार के 2 सदस्यों को टिकट नहीं दिया जाता। हम चुनौती देते हैं देश की और सभी पार्टियों को की वो ऐसा कर के दिखाय।

प्रश्न —आपके आय के स्रोत क्या हैं, पैसे की किल्लत के कारण कभी परिवार में डांट पड़ती है?
उत्तर — मुख्यतः हम किसान हैं और वही हमारी आय का स्रोत है, साथ में हमारा हेंडीक्राफ्ट निर्यात व् ecommerce का छोटा सा कारोबार भी है।

प्रश्न —आपको मुख्यमंत्री बना दिया जाए, तो आप कौन सा एक काम करना चाहेंगे, जिसके लिए आपको प्रदेश की जनता याद रखे?
उत्तर– प्रदेश के हर कोने में उच्चस्तरीय मुफ्त शिक्षा और स्वास्थ्य व्यवस्था स्थापित करना हमारी प्राथमिकता होगी। हम दिल्ली में यह कर भी रहे हैं ।

प्रश्न —क्या आप अपने अब तक के राजनीति करियर से संतुष्ट हैं?
उत्तर– जी हाँ , क्योंकि हमारा कोई निजी राजनीतिक लोभ नहीं है, हम भ्रष्ट तंत्र के खिलाफ लड़ने के लिए खड़े हुए हैं इसमें जो भी भूमिका पार्टी से मिलेगी उसपर पूरी ईमानदारी से मेहनत करेंगे।

प्रश्न —आपकी रूचि क्या—क्या हैं?
उत्तर — राजनीति के अलावा, आधुनिक तकनीक और इतिहास दोनों में मेरी बहुत रूचि है। इन्टरनेट के माध्यम से ऐतिहासिक जानकारी एकत्रित करना और आधुनिक खोज के बारे में अपडेट रहना आसान हो गया है।

प्रश्न —आपके पसंदीदा लेखक, एक्टर, एक्ट्रेस, खिलाड़ी और पत्रकार का नाम बताएं?

लेखक : मैक्सिम गोर्की व् प्रेमचंद
एक्टर : अल पचिनो व् नसीरुद्दीन शाह
एक्टर्स : नर्गिस व् तब्बू
खिलाडी : सचिन तेंदुलकर, पी वि सिंधु, सानिया मिर्ज़ा
पत्रकार : आशुतोष और रविश कुमार

 

2 Replies to “युवा तुर्क—’धर्म—जाति की राजनीति युवाओं के सामने सबड़े बड़ी चुनौती’

  1. Shariq Afroz ji is an inspiration to youth in uttarakhand , infact he has a huge following across India.
    I am a huge fan of Shariq Sir.
    Best of luck

  2. Not only Uttarakhand but India needs leader like Shariq Afroz , who represent the change in political system, I am a fan of his speeches. I am sure he will achieve great success in life. I also thank news129 for publishing an insight of Shariq Afroz in such honest way.

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