शिल्पकारों को शिल्प नीति से हो रहा है फायदा, बोले सीएम

मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने गुरुवार को सर्किट हाउस में पारम्परिक एैंपण कला से जुड़ी बेटियों से संवाद करते हुए कहा कि जिस खोई विरासत को एैंपण के माध्यम से बेटियों द्वारा संजोने का कार्य किया जा रहा है वह अपने आप में सराहनीय है। उन्होंने अपने सम्बोधन में कहा कि एैंपण प्राचीन कला है वर्तमान पीढ़ी की बच्चियों को इससे जुड़ते देखकर बेहद प्रसन्नता हो रही है। उन्होंने कहा कि आज हम देश-प्रदेश में राज्य की पहचान इस कला के माध्यम से संजोने का कार्य कर रहे जो एक गर्व की बात है। इस बात का गर्व है कि बहनें इस एैंपण कला को जीवंत कर रहीं है साथ ही इससे आर्थिकी में भी सुधार हो रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के क्षेत्रीय व्यंजनों को विशेष खान-पान की पहचान दिलाने का प्रयास किया जा रहा है पहाड़ी व्यंजनों को प्रोत्साहन देते हुए विशेष श्रेणी में लाया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि शिल्पकला को आगे बढ़ाते हुए प्रदेश के कुशल कारीगरों को आधुनिक श्रेणी की कारीगरी सिखाने में कारगर हुए है। उन्होंने कहा कि इसी कुशलता को दृष्टिगत रखते हुए उत्तराखण्ड में आवास नीति लागू की गयी है जिसमें उत्तराखण्ड के शिल्प नीति से जो अपने भवनों का निर्माण करेगा उसे एक अतिरिक्त मंजिल बनाने की अनुमति दी जायेगी। उन्होंने कहा कि हमारी सांस्कृतिक पहचान समाप्त होती जा रही जिसे हम अपने कुशल शिल्पियों के माध्यम से धरातल पर लाने का प्रयास कर रहे है। शिल्पियों के कुशल प्रदर्शन से ही प्रदेश में बेरोजगारी दर कम हो रही है जिससे क्षेत्रीय कारीगरो को इससे प्रोत्साहन मिल रहा है तथा वे आत्मनिर्भर हो रहे है।
इस संवाद कार्यक्रम में उन्होंने विभिन्न क्षेत्रों में काम कर रही महिला उद्यमियों को सम्मानित करते हुए उन्हें महिला सशक्तिकरण की ओर अग्रसर होने की बधाई दी। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री द्वारा पारम्परिक एैंपण से जुड़ी बेटियों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया इसके अलावा सौर स्वरोजगार योजना के लाभार्थियों, मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना के लाभार्थियों, होम-स्टे योजना के लाभार्थियों, पी0एम0 स्वनिधि से लाभार्थियों और जनपद के चयनित किसानों को किसान श्री पुरस्कार व प्रमाण पत्र वितरित करते हुए सभी को स्वरोजगार क्षेत्र में किये जा रहे कार्यो के लिए बधाई दी।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री द्वारा एैंपण स्टॉल का अवलोकन कर बेटियों से चर्चा की गयी और एैंपण को प्रोत्साहित करने के लिए उनसे सुझाव प्राप्त किये। इस दौरान राजकीय बाल किशोरी गृह की बच्चियों द्वारा बनाये गये एैंपण की मुख्यमंत्री द्वारा बेहद प्रशंसा की गयी। कार्यक्रम में एकीकृत आजीविका परियोजना, उद्योग विभाग, कृषि, उद्यान आदि विभागों के स्टॉल लगाये गये थे जिनका अवलोकन मुख्यमंत्री द्वारा किया गया और स्टॉलों की सराहना की गयी।
इस कार्यक्रम के दौरान विधानसभा उपाध्यक्ष मा0 रघुनाथ सिंह चौहान, उच्च शिक्षा राज्यमंत्री डा0 धन सिंह रावत, बाल विकास राज्यमंत्री श्रीमती रेखा आर्या, सांसद श्री अजय टम्टा, विधायक श्री महेश नेगी सहित अन्य जनप्रतिनिधि और अधिकारी उपस्थित थे।

Share News

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

error: Content is protected !!