महिला अस्पताल छेड़छाड़ मामला: हिस्ट्रीशीटर विक्की गुप्ता फरार, NPPL निदेशक से क्या था कनेक्शन और पैसों के लेनदेन की जांच में जुटी पुलिस

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महिला कर्मचारी की शिकायत पर भी कार्रवाई नहीं करने का आरोप, तीमारदार महिलाओं से छेड़छाड़ के मामले में 25 अक्टूबर को भी पहुंची थी पुलिस; कोतवाल बोले- गिरफ्तारी के बाद खुलेंगे कई राज

हरिद्वार। महिला अस्पताल में महिला कर्मचारियों और प्रसूताओं के साथ आई महिला तीमारदारों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। महिला कर्मचारी के साथ कथित छेड़छाड़ के मामले में मुकदमा दर्ज होने के बाद आरोपी विक्की गुप्ता फरार है। पुलिस उसकी तलाश में जुटी है। आरोपी के खिलाफ सामने आ रहे तथ्यों ने अस्पताल का संचालन कर रही NPPL कंपनी के प्रबंधन और उसके निदेशक की भूमिका को भी सवालों के घेरे में ला दिया है।

आरोप है कि विक्की गुप्ता अस्पताल में सुपरवाइजर के पद पर कार्यरत था और महिला कर्मचारी के साथ छेड़छाड़ की शिकायत मिलने के बावजूद NPPL प्रबंधन ने उसके खिलाफ कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की। इतना ही नहीं, शिकायत करने वाली महिला कर्मचारी को ही चुप रहने के लिए कहा गया। अब सवाल उठ रहा है कि आखिर प्रबंधन आरोपी को संरक्षण क्यों देता रहा और महिला कर्मचारियों की शिकायतों को गंभीरता से क्यों नहीं लिया गया?

मामले में एक और गंभीर पहलू सामने आया है। आरोप है कि विक्की गुप्ता प्रसूताओं के साथ अस्पताल में रुकी महिला तीमारदारों के साथ भी छेड़छाड़ करता था। 25 अक्टूबर को भी महिला तीमारदारों के साथ कथित छेड़छाड़ की शिकायत पुलिस कंट्रोल रूम 112 पर की गई थी। सूचना पर रात में पुलिस अस्पताल पहुंची और विक्की गुप्ता को हिरासत में लिया था। इसके बावजूद अस्पताल प्रबंधन ने अपने ओर से कोई शिकायत क्यों नहीं की।

बताया जा रहा है कि विक्की गुप्ता का NPPL निदेशक से शुरू से ही संपर्क था। अब पुलिस इस पहलू की भी जांच कर रही है कि क्या विक्की गुप्ता ने अस्पताल के संचालन के लिए NPPL निदेशक को कोई रकम दी थी? क्या किसी आर्थिक लेनदेन या कथित एहसान के चलते आरोपी को अस्पताल में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी गई और उसकी शिकायतों को नजरअंदाज किया जाता रहा? हालांकि, इन आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।

कोतवाली प्रभारी कुंदन सिंह राणा ने बताया कि महिला कर्मचारी के बयान दर्ज कर लिए गए हैं। मुकदमा दर्ज होने के बाद से आरोपी विक्की गुप्ता फरार है और पुलिस उसकी तलाश कर रही है। उन्होंने बताया कि पुलिस इस पहलू की भी जांच कर रही है कि पहले शिकायत सामने आने के बावजूद अस्पताल प्रबंधन ने आरोपी के खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं की। इसके साथ ही आरोपी द्वारा NPPL निदेशक को अस्पताल संचालन के लिए पैसे दिए जाने की बात की भी जांच की जा रही है।

कोतवाल के मुताबिक, मामले से जुड़े सभी तथ्य आरोपी विक्की गुप्ता की गिरफ्तारी के बाद ही स्पष्ट हो सकेंगे।

अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि महिला अस्पताल में महिलाओं की सुरक्षा की जिम्मेदारी संभालने वाले प्रबंधन ने शिकायतों के बावजूद कथित आरोपी के खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं की? क्या अस्पताल में नियुक्ति और जिम्मेदारियां देने के पीछे कोई आर्थिक लेनदेन था? पुलिस की जांच और विक्की गुप्ता की गिरफ्तारी के बाद ही इन सवालों के जवाब सामने आएंगे।