अतीक साबरी:-
पिरान कलियर । कांवड़ यात्रा के दौरान इमलीखेड़ा क्षेत्र में उस समय हंगामे की स्थिति पैदा हो गई, जब कांवड़ का गंगाजल खंडित होने को लेकर कांवड़िए आक्रोशित हो गए। देखते ही देखते मामला गरमा गया और एक युवक के साथ मारपीट भी हो गई। घटना के बाद मौके पर तनाव बढ़ने लगा और बड़ी संख्या में कांवड़िए एकत्र हो गए।
मामले की गंभीरता को देखते हुए इमलीखेड़ा चौकी प्रभारी शहजाद अली तत्काल पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने स्थिति की नजाकत को समझते हुए बेहद सूझबूझ और संयम के साथ कांवड़ियों को शांत कराया। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर किसी भी अप्रिय स्थिति को बढ़ने से रोकते हुए मोर्चा संभाल लिया।

शहजाद अली की सूझबूझ से फिर टला बड़ा बवाल कांवड़ियों की धार्मिक भावनाओं को ध्यान में रखते हुए चौकी प्रभारी शहजाद अली ने मामले को समझदारी से संभाला। पुलिस की पहल पर कांवड़ियों को हरकी पैड़ी ले जाकर दोबारा गंगाजल भरवाया गया, जिसके बाद कांवड़ यात्रियों को शांतिपूर्वक उनकी यात्रा के लिए रवाना किया गया।चौकी प्रभारी की त्वरित कार्रवाई और मौके पर दिखाई गई सूझबूझ के चलते स्थिति बिगड़ने से बच गई। अगर समय रहते पुलिस मौके पर नहीं पहुंचती तो विवाद बड़ा रूप ले सकता था।
एक सप्ताह पहले भी शहजाद अली ने संभाला था ऐसा ही मामला बताया जा रहा है कि करीब एक सप्ताह पहले भी इमलीखेड़ा क्षेत्र में कांवड़ खंडित होने को लेकर इसी तरह की स्थिति बनी थी। उस समय भी चौकी प्रभारी शहजाद अली ने अपनी सूझबूझ, संयम और तत्काल हस्तक्षेप से मामले को शांत कराया था।लगातार दूसरी बार कांवड़ यात्रा के दौरान संवेदनशील स्थिति को समझदारी से संभालने को लेकर पुलिस की कार्यशैली की चर्चा हो रही है। खासतौर पर चौकी प्रभारी शहजाद अली की मौके पर तुरंत पहुंचने, कांवड़ियों से संवाद करने और तनाव को बढ़ने से रोकने की रणनीति को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
पुलिस की तत्परता से शांत हुआ माहौलघटना के बाद पुलिस ने मौके पर स्थिति को पूरी तरह नियंत्रित किया। कांवड़ यात्रियों को समझाकर शांत कराया गया और दोबारा गंगाजल भरवाने के बाद उन्हें सुरक्षित तरीके से आगे रवाना किया गया। पुलिस की सक्रियता के चलते क्षेत्र में किसी बड़े विवाद या अप्रिय घटना की स्थिति पैदा नहीं हुई।
इमलीखेड़ा चौकी प्रभारी शहजाद अली की सूझबूझ और तत्काल कार्रवाई ने एक बार फिर साबित किया कि संवेदनशील परिस्थितियों में संयम, संवाद और समय पर पुलिस हस्तक्षेप से बड़े विवाद को टाला जा सकता है।