निठारी कांड: सुरेंद्र कोली की मौत आत्महत्या या हत्या? 72 घंटे की CCTV जांच और पोस्टमार्टम से क्या सामने आया, भाई ने दी तहरीर

आखिरी बार कब देखा गया कोली, क्या कर रहा था रात में

निठारी कांड के आरोपी रहे सुरेंद्र कोली उर्फ सदाराम की संदिग्ध मौत के मामले में पुलिस जांच तेजी से आगे बढ़ रही है। शुरुआती जांच में पुलिस ने घटना से पहले के 72 घंटे की सीसीटीवी फुटेज का विश्लेषण पूरा कर लिया है। सूत्रों के अनुसार अब तक की जांच में किसी संदिग्ध व्यक्ति की गतिविधि सामने नहीं आई है, जबकि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी संघर्ष या बाहरी चोट के कोई निशान नहीं मिले हैं। हालांकि पुलिस और फॉरेंसिक टीम अभी अंतिम निष्कर्ष पर नहीं पहुंची है। उधर कोली के भाई चंदन कोली ने भाई की हत्या का अंदेशा जताते हुए नगर पुलिस को तहरीर दी है।

72 घंटे की CCTV फुटेज में क्या मिला?

सूत्रों के मुताबिक पुलिस ने घटना स्थल और आसपास लगे कैमरों की फुटेज खंगाली है। जांच में सामने आया कि घटना वाली रात सुरेंद्र कोली करीब साढ़े आठ बजे तक अपनी चाय की दुकान के बाहर टहलता हुआ दिखाई दिया। इसके बाद वह दुकान के अंदर सोने चला गया।

पुलिस को फिलहाल ऐसे कोई सबूत नहीं मिले हैं जिनसे यह साबित हो कि रात के दौरान कोई व्यक्ति दुकान के अंदर आया या बाहर गया। इसी आधार पर जांच में आत्महत्या की संभावना को बल मिल रहा है।

पोस्टमार्टम में संघर्ष के निशान नहीं

पोस्टमार्टम करने वाले डॉक्टरों के अनुसार सुरेंद्र कोली के शरीर पर संघर्ष या मारपीट के कोई निशान नहीं मिले हैं। शरीर पर बाहरी चोट के भी कोई स्पष्ट संकेत नहीं पाए गए। फॉरेंसिक विशेषज्ञ अब अन्य वैज्ञानिक साक्ष्यों का विश्लेषण कर रहे हैं ताकि मौत की परिस्थितियों को स्पष्ट किया जा सके।

कॉल डिटेल से भी नहीं मिला कोई बड़ा सुराग

जांच में पुलिस ने सुरेंद्र कोली की कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) भी खंगाले हैं। सूत्रों के अनुसार अब तक कॉल रिकॉर्ड से ऐसा कोई महत्वपूर्ण सुराग सामने नहीं आया है जो किसी साजिश या संदिग्ध संपर्क की ओर इशारा करता हो।

आर्थिक तंगी और मानसिक तनाव की भी जांच

पुलिस ने इस मामले में कई लोगों के बयान दर्ज किए हैं। पूछताछ में यह बात सामने आई है कि सुरेंद्र कोली पिछले कुछ समय से आर्थिक तंगी और मानसिक तनाव से गुजर रहा था।

सूत्रों के अनुसार यह भी जांच का हिस्सा है कि बच्चे के जन्मदिन पर आर्थिक स्थिति के कारण उपहार न दे पाने की चिंता ने उसे मानसिक रूप से परेशान किया था। पुलिस इस पहलू की भी जांच कर रही है, लेकिन इसे अभी अंतिम कारण नहीं माना गया है।

गले की रस्सी टूटने का रहस्य बरकरार

घटना के दौरान सुरेंद्र कोली के गले में लगी रस्सी टूटने की परिस्थितियों की भी फॉरेंसिक टीम जांच कर रही है। विशेषज्ञ यह पता लगाने का प्रयास कर रहे हैं कि रस्सी किन परिस्थितियों में टूटी और इसका मौत से क्या संबंध है।

परिजनों ने जताई हत्या की आशंका

दूसरी ओर, सुरेंद्र कोली के परिजनों ने इसे हत्या बताते हुए मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। कोली के भाई ने पुलिस को शिकायती पत्र सौंपकर निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। कोली के भाई ने आरोप लगाया कि मोर्चरी में बॉडी जब देखी तो नाक और मुंह से खून आया पाया गया जो संदिग्ध लग रहा है।

पुलिस का कहना है कि मामले की जांच अभी जारी है और सभी पहलुओं—आत्महत्या तथा हत्या की आशंका—को ध्यान में रखकर साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगा।