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देहरादून। उत्तराखंड STF की साइबर क्राइम यूनिट ने एक बड़े अंतर्राज्यीय साइबर ठगी गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए पश्चिम बंगाल से दो शातिर आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह गिरोह आम लोगों के नाम पर बैंक खाते खुलवाकर उनके एटीएम कार्ड, सिम कार्ड और बैंकिंग दस्तावेज साइबर अपराधियों तक पहुंचाने का काम करता था।
मामले का खुलासा उस समय हुआ जब देहरादून निवासी एक व्यक्ति ने शिकायत दर्ज कराई कि साइबर ठगों ने उनका मोबाइल फोन हैक कर ई-मेल और मोबाइल नंबर बदल दिया। इसके बाद उनकी कंपनी के बैंक खाते से करीब 24.95 लाख रुपये की रकम पार कर दी गई। शिकायत के आधार पर साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन देहरादून में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की गई।
जांच के दौरान STF ने बैंक खातों और मोबाइल डेटा का गहन विश्लेषण किया, जिसमें साइबर नेटवर्क की कड़ियां पश्चिम बंगाल तक जुड़ी मिलीं। निरीक्षक आशीष गुसांई के नेतृत्व में गठित टीम ने पश्चिम बंगाल के रानाघाट में दबिश देकर तपन बिस्वास और उत्तम कुमार दास को गिरफ्तार कर लिया।पूछताछ में सामने आया कि आरोपी साइबर ठगों के लिए बैंक खाते और सिम कार्ड उपलब्ध कराने का संगठित कारोबार चला रहे थे। वे लोगों के नाम पर खाते खुलवाकर उनके डेबिट कार्ड, पासबुक, सिम कार्ड और अन्य बैंकिंग दस्तावेज मोटी रकम लेकर साइबर अपराधियों को बेच देते थे।
जांच में यह भी प्रमाणित हुआ कि पीड़ित से ठगी गई रकम आरोपियों के खातों में पहुंची थी।STF की बरामदगी में शामिल:13 डेबिट/एटीएम कार्ड03 मोबाइल फोनकई सिम कार्ड व सिम कवरबैंक पासबुक, चेकबुक और ब्लैंक चेकबैंक खाते खुलवाने से जुड़े दस्तावेजगिरफ्तार दोनों आरोपी पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले के निवासी हैं। STF अब गिरोह के अन्य सदस्यों और पूरे नेटवर्क की तलाश में जुटी है। अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही इस साइबर सिंडिकेट से जुड़े अन्य चेहरों का भी खुलासा किया जाएगा।
STF का संदेशसाइबर अपराधी लगातार नए तरीके अपनाकर लोगों को निशाना बना रहे हैं। किसी भी संदिग्ध कॉल, लिंक या बैंकिंग गतिविधि की जानकारी तुरंत साइबर हेल्पलाइन 1930 या नजदीकी पुलिस स्टेशन को दें।