4 लाख के बदले 30 लाख डकारे, अब 25 लाख और मांग रहा सूदखोर; पीड़ित परिवार समेत सुसाइड की कगार पर

​पिरान कलियर/रुड़की:कर्ज और ब्याज के दलदल में फंसकर एक हँसता-खेलता परिवार पूरी तरह बर्बाद हो गया है। पिरान कलियर निवासी एक व्यक्ति ने रुड़की के एक कथित सूदखोर पर गंभीर आरोप लगाते हुए पुलिस से सुरक्षा और न्याय की गुहार लगाई है।

पीड़ित का आरोप है कि मूलधन से साढ़े सात गुना ज्यादा रकम वसूलने के बाद भी आरोपी का पेट नहीं भरा है और वह अब लाखों की अतिरिक्त मांग कर रहा है।​

ब्याज के जाल में फंसा परिवार, पुश्तैनी मकान भी बिका-पीड़ित अफ़सार (पुत्र श्री गुलाम साबिर) ने बताया कि 4-5 साल पहले उन्होंने अपनी जरूरत के लिए रुड़की निवासी एक व्यक्ति से 4 लाख रुपये चेक के जरिए लिए थे। इसके बाद आरोपी ने चक्रवर्ती ब्याज लगाकर शोषण शुरू कर दिया। अफ़सार का दावा है कि वह अब तक कुल 30 लाख रुपये चुका चुके हैं, जिसके लिए उन्हें अपना पुश्तैनी मकान तक बेचना पड़ा। आज स्थिति यह है कि पीड़ित अपने बच्चों के साथ किराए के कमरे में रहने को विवश है।​

मानसिक प्रताड़ना और ‘चेक’ का डर-तहरीर के अनुसार, आरोपी अब 25 लाख रुपये की अवैध पेनल्टी मांग रहा है। आरोप है कि वह पीड़ित और उसके भाइयों द्वारा सुरक्षा के तौर पर दिए गए चेक का दुरुपयोग कर उन्हें झूठे मुकदमों में फंसाकर जेल भेजने की धमकी दे रहा है। पीड़ित का कहना है कि आरोपी असामाजिक तत्वों के साथ घर आकर गाली-गलौज और मानसिक उत्पीड़न करता है, जिससे तंग आकर वह आत्मघाती कदम उठाने जैसा महसूस कर रहे हैं।​

कोतवाली प्रभारी कमल मोहन भंडारी का कहना है ​मामले की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। इस प्रकरण पर कोतवाली प्रभारी कमल मोहन भंडारी का कहना है हमें एक प्रार्थना पत्र प्राप्त हुआ है जिसमें पीड़ित ने एक व्यक्ति पर अत्यधिक ब्याज वसूली और मानसिक उत्पीड़न के गंभीर आरोप लगाए हैं। मामले की प्राथमिक जांच की जा रही है और दोनों पक्षों के लेन-देन के रिकॉर्ड खंगाले जा रहे हैं। कानून के दायरे से बाहर जाकर किसी का भी शोषण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यदि अवैध वसूली और धोखाधड़ी की पुष्टि होती है, तो आरोपी के खिलाफ सुसंगत धाराओं में सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

पीड़ित परिवार को सुरक्षा का भरोसा दिया गया है।”​न्याय की उम्मीदपीड़ित ने मांग की है कि आरोपी के पास जमा उनके और उनके भाइयों के चेक वापस दिलाए जाएं और उन्हें इस मानसिक नरक से मुक्ति दिलाई जाए। पिरान कलियर पुलिस अब इस मामले के हर पहलू की बारीकी से जांच कर रही है ताकि दूध का दूध और पानी का पानी हो सके।