धनोरी इंटर कॉलेज पर फिर उठे सवाल, शिकायतों का पुलिंदा लेकर डीएम-एसएसपी कार्यालय पहुंचे प्रतिनिधि

NSG:-NEWS 129

हरिद्वार। धनोरी स्थित एनआईसी (धनोरी इंटर कॉलेज) से जुड़े कथित अनियमितताओं के मामले ने एक बार फिर तूल पकड़ लिया है। कॉलेज प्रबंधन के खिलाफ गंभीर आरोपों को लेकर नेशनल पब्लिक सर्विस ट्रस्ट के प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधिकारी और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक हरिद्वार के कार्यालय में विस्तृत शिकायत प्रस्तुत कर निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच की मांग की है।

शिकायत के बाद शिक्षा और प्रशासनिक हलकों में मामले को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।ट्रस्ट के सचिव प्रियांशु काम्बोज के नेतृत्व में पहुंचे प्रतिनिधिमंडल ने आरोप लगाया कि कॉलेज से जुड़े कई मामलों में वर्षों से शिकायतें सामने आती रही हैं, लेकिन अब तक किसी भी स्तर पर ठोस कार्रवाई नहीं हो सकी।

प्रतिनिधियों का कहना है कि यदि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए तो कई अहम तथ्य सामने आ सकते हैं।ट्रस्ट के विधि विशेषज्ञ कृष्णकांत ने बताया कि शिकायत में फर्जी सदस्यता बनाकर चुनाव कराने, वर्ष 2012 की चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की नियुक्तियों में कथित अनियमितता, सरकारी धन के दुरुपयोग, महत्वपूर्ण अभिलेखों के गायब होने, ग्राम समाज की भूमि के कथित अवैध विक्रय तथा बिना वैध लीज के सरकारी भूमि पर संस्थान और व्यावसायिक गतिविधियां संचालित किए जाने जैसे गंभीर आरोप शामिल किए गए हैं।

उन्होंने कहा कि शिकायत के साथ पूर्व विभागीय पत्राचार, जांच रिपोर्टों और अन्य संबंधित दस्तावेजों का भी उल्लेख किया गया है। उनका दावा है कि पहले भी विभिन्न विभागों द्वारा जांच और कार्रवाई के निर्देश जारी किए गए थे, लेकिन मामला आज तक अंतिम निष्कर्ष तक नहीं पहुंच सका। इसी कारण अब स्वतंत्र एसआईटी और विजिलेंस जांच की मांग की गई है, ताकि पूरे प्रकरण की निष्पक्ष पड़ताल हो सके।

शिकायतकर्ताओं ने मांग की है कि पूरे वित्तीय लेनदेन का फोरेंसिक ऑडिट, भूमि अभिलेखों की विस्तृत जांच, कथित नियुक्तियों की समीक्षा तथा संबंधित अधिकारियों की भूमिका की भी निष्पक्ष जांच कराई जाए। यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित लोगों के खिलाफ विधिक कार्रवाई करते हुए एफआईआर दर्ज की जाए। साथ ही जांच पूरी होने तक आवश्यक प्रशासनिक और कानूनी कदम उठाने की भी मांग की गई है।

प्रतिनिधिमंडल में प्रियांशु काम्बोज, राहुल कुमार, दिव्यांशु काम्बोज, नीरज सैनी, राकेश कुमार सहित कई लोग मौजूद रहे।(नोट: शिकायत में लगाए गए आरोप शिकायतकर्ताओं के दावे हैं। इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि या जांच के निष्कर्ष अभी सामने नहीं आए हैं।)