सालाना उर्स की तैयारियां शुरू: दरगाह साबिर-ए-पाक में रंग-रोगन का कार्य तेज, पंजाब के मिस्सी शाह बाबा हर वर्ष निभाते हैं सेवा की परंपरा

NSG:-NEWS 129

रबीउल अव्वल का चाँद दिखाई देने के साथ परचम कुशाई और मेहंदी डोरी की रस्म से होगा उर्स का आगाज़, देश-विदेश से पहुंचेंगे लाखों जायरीन

पिरान कलियर। विश्व प्रसिद्ध दरगाह हज़रत अलाउद्दीन अली अहमद साबिर पाक रहमतुल्लाह अलैह के सालाना उर्स की तैयारियां शुरू हो गई हैं। उर्स को लेकर दरगाह परिसर में रंग-रोगन और साफ-सफाई का कार्य तेज़ी से कराया जा रहा है, ताकि देश-विदेश से आने वाले जायरीनों को बेहतर व्यवस्थाएं उपलब्ध कराई जा सकें।

रबीउल अव्वल का चाँद दिखाई देने के साथ ही परचम कुशाई और मेहंदी डोरी की रस्म अदा की जाएगी, जिसके बाद सालाना उर्स का विधिवत शुभारंभ होगा। उर्स के दौरान लाखों की संख्या में अकीदतमंद दरगाह में हाज़िरी देकर चादर और अकीदत के फूल पेश करेंगे।

तहसीलदार एवं दरगाह प्रबंधक विकास अवस्थी ने बताया कि दरगाह साबिर-ए-पाक से गहरी आस्था रखने वाले मिस्सी शाह बाबा (पंजाब) हर वर्ष अपनी श्रद्धा और सेवा भाव के तहत उर्स से पहले दरगाह परिसर में रंग-रोगन का कार्य कराते हैं। यह सेवा वर्षों से लगातार जारी है और दरगाह के प्रति उनकी अटूट आस्था का प्रतीक है।

उन्होंने बताया कि उर्स को शांतिपूर्ण, व्यवस्थित और भव्य ढंग से संपन्न कराने के लिए दरगाह प्रशासन सभी आवश्यक तैयारियों में जुटा हुआ है। साफ-सफाई, रंग-रोगन तथा अन्य व्यवस्थाओं को समय रहते पूरा किया जा रहा है, ताकि उर्स में आने वाले सभी जायरीनों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े