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पिरान कलियर। दरगाह परिसर से अपहृत किए गए 7 माह के मासूम बच्चे को हरिद्वार पुलिस ने महज चार दिनों के भीतर सकुशल बरामद कर एक बड़ी सफलता हासिल की है। “ऑपरेशन प्रहार” एवं “ऑपरेशन इस्माइल” के तहत चलाए गए विशेष अभियान में पुलिस ने बच्चे का अपहरण करने वाले दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी मासूम बच्चे का इस्तेमाल भीख मंगवाने के लिए करना चाहते थे।

नमाज के दौरान हुआ था मासूम का अपहरण:-7 जून को दरगाह परिसर में नमाज अदा करने के दौरान बिहार निवासी कलसूम खातून के 7 माह के नाती मोहम्मद अली रजा का अज्ञात व्यक्ति द्वारा अपहरण कर लिया गया था। घटना की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी हरिद्वार ने तत्काल बच्चे की सकुशल बरामदगी के निर्देश दिए थे।


250 से ज्यादा CCTV कैमरे खंगालने के बाद मिला सुराग एसपी देहात और सीओ भगवानपुर के पर्यवेक्षण में गठित पुलिस टीम ने दरगाह परिसर, कलियर-रुड़की मार्ग, बस स्टेशन, रेलवे स्टेशन और बाजारों में लगे करीब 250 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। इसी दौरान एक विकलांग महिला और संदिग्ध युवक की गतिविधियां पुलिस के रडार पर आईं।
वैशाखियां और बच्चे के हाथों की छह-छह उंगलियां बनी पहचान का आधार सीसीटीवी फुटेज में दिखाई दे रही विकलांग महिला की वैशाखियां तथा अपहृत बच्चे के दोनों हाथों में छह-छह उंगलियां होना पुलिस के लिए सबसे बड़ा सुराग साबित हुआ। लगातार निगरानी और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस लक्सर रेलवे स्टेशन तक पहुंची।
रेलवे स्टेशन पर भीख मांगते मिला मासूम11 जून को मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने लक्सर रेलवे स्टेशन के पास एक विकलांग महिला को बच्चे के साथ भीख मांगते हुए पकड़ा। जांच में पुष्टि हुई कि वही अपहृत बच्चा मोहम्मद अली रजा है। पुलिस ने बच्चे को सकुशल बरामद करते हुए महिला और उसके साथी समीर उर्फ सोनू उर्फ बड़ा को गिरफ्तार कर लिया।
भीख से ज्यादा कमाई के लालच में रची गई साजिश पूछताछ में आरोपियों ने खुलासा किया कि दरगाह परिसर में छोटे बच्चों को गोद में लेकर भीख मांगने वालों को ज्यादा पैसे मिलते देख उन्होंने बच्चे के अपहरण की योजना बनाई थी। आरोपियों ने एक सप्ताह तक बच्चे और उसके परिवार की रेकी की और मौका मिलते ही बच्चे को उठा लिया।
मासूम को देखकर परिजनों के चेहरे पर लौटी मुस्कान चार दिन से अपने नाती की तलाश में परेशान नानी और परिजनों की आंखों में उस समय खुशी के आंसू आ गए जब पुलिस ने मासूम को सकुशल उनके सुपुर्द किया। बच्चे की बरामदगी से पूरे क्षेत्र में राहत और खुशी का माहौल है।

हेड कांस्टेबल सोनू चौधरी की मेहनत फिर आई कामइस संवेदनशील मामले के खुलासे में पुलिस टीम के साथ हेड कांस्टेबल सोनू चौधरी की भूमिका भी बेहद महत्वपूर्ण रही। सोनू चौधरी इससे पहले भी पिरान कलियर क्षेत्र में हुए बच्चा चोरी के कई मामलों के खुलासे में अहम भूमिका निभा चुके हैं। लगातार मेहनत, तकनीकी साक्ष्यों के विश्लेषण और जमीनी स्तर पर की गई कार्रवाई ने इस केस को सुलझाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
पुलिस टीम की सराहना मामले के सफल खुलासे और मासूम की सकुशल बरामदगी पर एसएसपी हरिद्वार ने पूरी पुलिस टीम की सराहना करते हुए उनके कार्य की प्रशंसा की है। पुलिस का कहना है कि आरोपियों के खिलाफ अग्रिम वैधानिक कार्रवाई जारी है
पुलिस टीम :-पुलिस टीम 1- श्री दिव्येश उपाध्याय पुलिस उपाधीक्षक प्रभारी कोतवाली पिरान कलियर 2 निरीक्षक कमल मोहन भण्डारी- सीओ कार्यालय भगवानपुर3- निरीक्षक रविन्द्र शाह एसओजी रुड़की 4- व0उ0नि0 राजेश बिष्ट- कोत0 कलियर5- उ0नि0 शहजाद अली- कोत0 कलियर6- उ0नि0 विनोद गोला (विवेचक)7- अ0उ0नि0 अश्वनी यादव –एसओजी रुड़की8- हे0का0 336 सोनू कुमार- कोत0 कलियर9- हे0का0 इसरार अली- कोत0 कलियर10- हे0कानि0 मनमोहन एसओजी रुड़की11- कानि0 518 आबिद अली- कोत0 कलियर12- म0कानि0 1218 सोफिया अंसारी- कोत0 कलियर13- कानि0 राहुल कुमार – एसओजी रुड़की14- का0 महिपाल एसओजी रुड़की15- का0 अजय काला- एसओजी रुड़की16- का0 वसीम खान- एसओजी हरिद्वार