30 लाख से अधिक की सफाई व्यवस्था पर उठे सवाल, उर्स में गंदगी के अंबार ने खोली नगर निगम के ठेकेदार की पोल

पिरान कलियर।

दरगाह साबिर पाक के 758वें सालाना उर्स के दौरान मेला क्षेत्र में सफाई व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। उर्स में सफाई व्यवस्था का जिम्मा नगर निगम रुड़की के ठेकेदार को दिए जाने के बावजूद मेला क्षेत्र में जगह-जगह गंदगी, कूड़े के ढेर, नालियों से बहता गंदा पानी और सड़कों पर पड़ा कूड़ा-मलबा श्रद्धालुओं के लिए परेशानी का सबब बना रहा। सफाई व्यवस्था की बदहाली को लेकर कलियर की जनता और बाहर से पहुंचे जायरीनों में ठेकेदार के खिलाफ भारी रोष देखने को मिल रहा है।

स्थानीय लोगों का आरोप है कि उर्स के दौरान सफाई व्यवस्था के नाम पर दरगाह की ओर से 30 लाख रुपये से अधिक की धनराशि खर्च किए जाने के बावजूद धरातल पर सफाई व्यवस्था संतोषजनक नजर नहीं आई। लोगों का कहना है कि यदि इतनी बड़ी रकम सफाई व्यवस्था पर खर्च की गई है तो पूरे मेला क्षेत्र में गंदगी का यह आलम क्यों बना रहा, यह जांच का विषय है।

बताया गया कि दरगाह साबिर पाक मेला क्षेत्र, दरगाह इमाम साहब मेला क्षेत्र और दरगाह कीलकिली साहब मेला क्षेत्र में कई स्थानों पर नियमित सफाई का अभाव दिखाई दिया। जगह-जगह कूड़े के ढेर लगे रहे और नालियों का गंदा पानी सड़कों के आसपास बहता रहा। इससे जहां श्रद्धालुओं को आने-जाने में परेशानी हुई, वहीं दुर्गंध और गंदगी के कारण संक्रमण फैलने का खतरा भी बना रहा।स्थानीय लोगों का कहना है कि उर्स जैसे बड़े धार्मिक आयोजन में देशभर से लाखों जायरीन पहुंचते हैं। ऐसे में मेला क्षेत्र की सफाई व्यवस्था सबसे महत्वपूर्ण व्यवस्थाओं में शामिल होती है। इसके बावजूद यदि सफाई के नाम पर बड़ी धनराशि खर्च होने के बाद भी गंदगी के ढेर दिखाई दें तो जिम्मेदारों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठना स्वाभाविक है।

जांच कर ठेकेदार के भुगतान पर लगाई जाए रोक कलियर की जनता और श्रद्धालुओं ने जिलाधिकारी मयूर दीक्षित तथा रुड़की ज्वाइंट मजिस्ट्रेट एवं मेला अधिकारी दीपक रामचंद्र सेठ से मामले का संज्ञान लेकर सफाई व्यवस्था की जांच कराने की मांग की है। लोगों ने मांग की है कि उर्स के दौरान सफाई व्यवस्था के नाम पर किए गए कार्यों का भौतिक सत्यापन कराया जाए और यह देखा जाए कि ठेकेदार ने टेंडर के मुताबिक वास्तव में कितना काम किया।लोगों ने यह भी मांग की है कि जांच पूरी होने तक सफाई ठेकेदार को दरगाह की ओर से भुगतान न किया जाए। यदि जांच में लापरवाही सामने आती है तो ठेकेदार के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई करते हुए उसे ब्लैकलिस्ट किया जाए, ताकि भविष्य में सरकारी अथवा दरगाह की धनराशि का दुरुपयोग न हो सके।

महामारी फैलने का मंडराता रहा खतरास्थानीय लोगों ने कहा कि उर्स के दौरान हजारों-लाखों जायरीन मेला क्षेत्र में मौजूद रहते हैं। ऐसे में कूड़े के ढेर, गंदा पानी और लंबे समय तक सफाई न होने से बीमारी और संक्रमण फैलने का खतरा बना रहा। लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि पूरे मेला क्षेत्र की तत्काल समुचित सफाई कराकर कीटनाशक और मच्छररोधी दवाओं का छिड़काव कराया जाए।

श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों का कहना है कि दरगाह की धनराशि जायरीनों और मेला व्यवस्थाओं की सुविधा के लिए खर्च होती है। इसलिए सफाई व्यवस्था के नाम पर होने वाले खर्च का सही इस्तेमाल सुनिश्चित किया जाना चाहिए। लोगों ने मेला अधिकारी से मामले की निष्पक्ष जांच कराकर दोषी पाए जाने वालों पर सख्त कार्रवाई करने और दरगाह के पैसे की कथित बर्बादी पर रोक लगाने की मांग की है।