NSG:-NEWS 129हरिद्वार। हरिद्वार पुलिस ने नकली नोटों के कारोबार पर बड़ी चोट करते हुए पंजाब तक फैले फेक करेंसी नेटवर्क का पर्दाफाश कर दिया। एसएसपी नवनीत सिंह के नेतृत्व में कोतवाली नगर पुलिस ने कस्टडी रिमांड के दौरान मिली अहम जानकारी के आधार पर पंजाब में दबिश देकर गिरोह के मुख्य सरगना समेत दो आरोपियों को गिरफ्तार किया।
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से ₹1.10 लाख के नकली नोट, नोट छापने में इस्तेमाल होने वाला प्रिंटर और एक वरना कार बरामद की है।इस मामले में 6 जुलाई को हरिद्वार पुलिस ने चार आरोपियों को ₹84,500 के नकली नोटों के साथ गिरफ्तार कर जेल भेजा था। बाद में कोर्ट से टिंकू और सुमित का पुलिस कस्टडी रिमांड मिलने पर हुई गहन पूछताछ में पंजाब में सक्रिय गिरोह का खुलासा हुआ।
पुलिस टीम तुरंत पंजाब पहुंची और पठानकोट हाईवे स्थित एक ढाबे से पवन कुमार को ₹5,000 के नकली नोटों के साथ गिरफ्तार किया। इसके बाद सुखबीर सिंह को ₹1 लाख के नकली नोट, प्रिंटर और वरना कार सहित दबोच लिया गया।जांच में सामने आया कि पवन ढाबे और सुखबीर कपड़ों के कारोबार की आड़ में नकली नोटों का धंधा चला रहे थे। दोनों असली ₹50 हजार के बदले ₹1 लाख के नकली नोट देकर मोटा मुनाफा कमाते थे।
पुलिस के अनुसार सुखबीर पहले भी बैंक फ्रॉड और जाली करेंसी के मामलों में जेल जा चुका है, जबकि पवन एनडीपीएस एक्ट के मामले में जेल की सजा काट चुका है। जेल में दोनों की दोस्ती हुई और वहीं से नकली नोटों का कारोबार शुरू करने की साजिश रची गई।
हरिद्वार पुलिस अब गिरोह के अन्य सदस्यों और नेटवर्क से जुड़े लोगों की तलाश में जुटी है। आरोपियों को नियमानुसार न्यायालय में पेश किया जाएगा।
पुलिस टीमइस सफल कार्रवाई में प्रभारी निरीक्षक कुंदन सिंह राणा, उपनिरीक्षक ऋषिकांत पटवाल, हेड कांस्टेबल संजय पाल, हेड कांस्टेबल सतीश नौटियाल, कांस्टेबल सुनील चौहान और कांस्टेबल अजीत तोमर की अहम भूमिका रही।