महमूदपुर में गुटबाजी करने वालों पर कलियर पुलिस का ‘प्रहार’, कोतवाल कमल मोहन भंडारी के सख्त तेवर से हड़कंप​बड़ी कार्रवाई:

अतीक साबरी:-​पिरान कलियर।

पिरान कलियर क्षेत्र में शांति व्यवस्था को चुनौती देने वाले असामाजिक तत्वों और लंबे समय से कानून की नजरों से बच रहे वारंटियों के खिलाफ कोतवाल इंस्पेक्टर कमल मोहन भंडारी ने मोर्चा खोल दिया है। एसएसपी हरिद्वार के ‘ऑपरेशन प्रहार’ अभियान को धरातल पर उतारते हुए कलियर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। इस कार्रवाई में गांव का माहौल खराब करने वाली गुटबाजी पर कड़ा प्रहार किया गया है।​

महमूदपुर मामला: गुटबाजी और माहौल बिगाड़ने वालों को कड़ा सबक​सबसे प्रमुख कार्रवाई ग्राम महमूदपुर कलियर में अमल में लाई गई। यहाँ पिछले कुछ समय से आपसी गुटबाजी और वर्चस्व की जंग के चलते गांव का सांप्रदायिक और सामाजिक सौहार्द बिगड़ने की खबरें आ रही थीं।

इंस्पेक्टर कमल मोहन भंडारी ने मामले का संज्ञान लेते हुए साफ निर्देश दिए थे कि किसी भी सूरत में कानून व्यवस्था से खिलवाड़ नहीं होने दिया जाएगा।​

इसी क्रम में पुलिस ने महमूदपुर में गुटबाजी के चलते विवाद उत्पन्न करने और शांति भंग करने की कोशिश करने वाले मुख्य आरोपी निसवत पुत्र रियायत (उम्र 48 वर्ष) को धारा-170 भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) के तहत गिरफ्तार कर लिया।

इंस्पेक्टर भंडारी ने चेतावनी दी है कि गांव की शांति भंग करने वाले किसी भी गुट को बख्शा नहीं जाएगा और जो भी पर्दे के पीछे रहकर माहौल खराब करेगा, उसे जेल की हवा खानी होगी।​

फरार वारंटियों की धरपकड़: पुलिस की चौतरफा कार्रवाई​केवल शांति भंग ही नहीं, बल्कि इंस्पेक्टर कमल मोहन भंडारी के नेतृत्व में पुलिस की अलग-अलग टीमों ने फरार अपराधियों के खिलाफ भी घेराबंदी तेज कर दी है।

बिजली चोरी जैसे मामलों में कोर्ट से जारी वारंट के बावजूद फरार चल रहे दो शातिर वारंटियों को पुलिस ने उनके ठिकाने से दबोच लिया। गिरफ्तार वारंटियों में मुर्सलीन (निवासी मेहवड़कला) और शहजाद (निवासी मुकर्रबपुर) शामिल हैं।

इन दोनों को पुलिस ने गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय के समक्ष पेश किया, जहाँ से उन्हें जेल भेज दिया गया है।​क्षेत्र में पुलिस का खौफ, जनता में सुरक्षा का भाव​कोतवाली पिरान कलियर पुलिस की इस ताबड़तोड़ कार्रवाई से अपराधियों और असामाजिक तत्वों में हड़कंप मच गया है।

इंस्पेक्टर कमल मोहन भंडारी की कार्यशैली की क्षेत्र में चर्चा है, जहाँ एक ओर वो आम जनता के लिए सुलभ हैं, वहीं अपराधियों के लिए काल बने हुए हैं।​

इस सफल टीम का नेतृत्व:इस पूरी कार्रवाई में व0उ0नि0 देवेन्द्र सिंह तोमर, उ0नि0 विनोद कुमार गोला, हे0कानि0 जमशेद अली, कानि0 प्रकाश मनराल (833) और कानि0 सुनील चौहान (1054) की भूमिका अत्यंत सराहनीय रही। पुलिस ने साफ किया है कि ‘ऑपरेशन प्रहार’ के तहत यह अभियान भविष्य में भी जारी रहेगा।