Haridwar Viral Video स्पा सेंटर में तोड़फोड़ और महिलाओं से मारपीट का मामला, बजरंग दल कार्यकर्ताओं समेत नौ लोगों पर मुकदमा, देखें वीडियो

सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो

Haridwar Viral Video सिडकुल थाना क्षेत्र स्थित पेंटागन मॉल के एक स्पा सेंटर में घुसकर तोड़फोड़ करने और वहां मौजूद महिलाओं के साथ कथित मारपीट एवं छेड़खानी करने के मामले में पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया है। स्पा सेंटर संचालक की शिकायत पर पुलिस ने बजरंग दल से जुड़े बताए जा रहे नौ लोगों के खिलाफ मारपीट, छेड़खानी और अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

पुलिस के अनुसार, मामला पेंटागन मॉल स्थित स्पा सेंटर का है, जहां कुछ लोग अचानक पहुंचे और सेंटर में घुसकर हंगामा करने लगे। आरोप है कि इस दौरान स्पा सेंटर में तोड़फोड़ की गई और वहां मौजूद महिलाओं के साथ मारपीट तथा अभद्र व्यवहार किया गया। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

Haridwar Viral Video

स्पा सेंटर संचालक की ओर से सिडकुल थाने में दी गई शिकायत के आधार पर पुलिस ने दीपक तालियांन, भूपेंद्र सैनी, कुलदीप विश्नोई, संजय प्रिंस, शिवम, करण, रवि, अनूप पाल सहित अन्य के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। शिकायत में आरोपियों पर मारपीट और महिलाओं के साथ छेड़खानी करने के आरोप लगाए गए हैं।

घटना से संबंधित एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में कुछ लोगों के स्पा सेंटर में पहुंचने और वहां हंगामा किए जाने का दावा किया जा रहा है। हालांकि, पुलिस का कहना है कि वायरल वीडियो और घटना से जुड़े अन्य साक्ष्यों की जांच की जा रही है। वीडियो की सत्यता और उसमें दिखाई दे रहे लोगों की भूमिका की भी पुष्टि की जा रही है।

मुकदमा दर्ज होने के बाद सिडकुल पुलिस ने आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है। पुलिस संभावित ठिकानों पर दबिश देने के साथ-साथ घटना के संबंध में प्रत्यक्षदर्शियों और स्पा सेंटर में मौजूद लोगों से भी जानकारी जुटा रही है।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले में कानून को हाथ में लेने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर मुकदमे में आवश्यक धाराओं को जोड़ा या संशोधित किया जा सकता है।

वहीं, घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मामला चर्चा में आ गया है। पुलिस लोगों से अपील कर रही है कि वे वायरल वीडियो या अपुष्ट जानकारी के आधार पर किसी तरह की अफवाह न फैलाएं। मामले की जांच पूरी होने के बाद ही घटना की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।