news129:-पिरान कलियर
पिरान कलियर। हजरत शेख अब्दुल कादिर जिलानी गौस-ए-पाक की ग्यारहवीं शरीफ बृहस्पतिवार की रात दरगाह साबिर पाक समेत पिरान कलियर की विभिन्न खानकाहों में अकीदत और खुलूस के साथ मनाई गई। दरगाह साबिर पाक के महफिल खाने में कुल शरीफ और महफिल-ए-मिलाद का आयोजन हुआ।
देर रात तक गौस-ए-पाक की करामात, रूहानी शख्सियत और उनकी तालीम पर रोशनी डाली गई।इस मौके पर हाफिज सऊद साबरी ने दुआ कराई।
शाह खालिक मियां साबरी ने कहा कि अल्लाह तआला ने पीरान-ए-पीर दस्तगीर हजरत शेख अब्दुल कादिर जिलानी गौस-ए-पाक को गौसियत का मुकाम अता फरमाया। उनकी जिंदगी इंसानियत, नेक रास्ते और जरूरतमंदों की मदद की तालीम देती है। उन्होंने कहा कि रबीउस्सानी की 11 तारीख को हर वर्ष ग्यारहवीं शरीफ अकीदत के साथ मनाई जाती है और इस मौके पर औलिया-ए-किराम की जिंदगी व उनकी शिक्षाओं को याद किया जाता है।
दरगाह साबिर पाक की जामा मस्जिद के इमाम ने कुल शरीफ की शुरुआत की। इसके बाद महफिल-ए-मिलाद में देर रात तक नात, मनकबत और गौस-ए-पाक की रूहानी जिंदगी का जिक्र किया गया। अकीदतमंदों ने दरगाह साबिर पाक में चादर और फूल पेश कर मुल्क में अमन, खुशहाली और सलामती की दुआ मांगी।
वहीं पिरान कलियर की अलग-अलग खानकाहों में भी ग्यारहवीं शरीफ की महफिलें आयोजित की गईं। कार्यक्रम के अंत में देश की तरक्की, अमन-चैन और खुशहाली के लिए विशेष दुआ की गई। अकीदतमंदों को गौस-ए-पाक की याद में लंगर भी वितरित किया गया।
इस मौके पर शाह सुहैल मियां, गुड्डू मियां, सफीक साबरी, मोहसिन सिद्दीकी, काका सलमानी, आरिफ साबरी, खान बाबा समेत बड़ी संख्या में अकीदतमंद मौजूद रहे।