News129:-पिरान कलियर
पिरान कलियर। विश्व प्रसिद्ध दरगाह हजरत साबिर पाक के कलियर क्षेत्र में उर्स समाप्त होने के बाद सफाई व्यवस्था की बदहाली अब गंभीर चिंता का विषय बनती जा रही है। नगर पंचायत पिरान कलियर और दरगाह मेला क्षेत्र में जगह-जगह फैली गंदगी, कूड़े के ढेर और गंदे नालों के कारण मक्खी-मच्छरों का प्रकोप लगातार बढ़ता दिखाई दे रहा है। हालात ऐसे हैं कि खाद्य सामग्री के आसपास बड़ी संख्या में मक्खियां मंडराती नजर आ रही हैं, जिससे स्थानीय लोगों और जायरीनों में संक्रामक बीमारियों को लेकर भय बना हुआ है।
सफाई व्यवस्था पर लाखों खर्च, फिर भी जमीन पर गंदगी का अंबार!स्थानीय लोगों का आरोप है कि उर्स के दौरान सफाई व्यवस्था के नाम पर लाखों रुपये खर्च किए गए, लेकिन उर्स समाप्त होने के बाद मेला क्षेत्र की स्थिति ने पूरे इंतजामों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। लोगों की मांग है कि सफाई कार्य की निष्पक्ष जांच कराई जाए और यदि कहीं अनियमितता सामने आती है तो संबंधित ठेकेदार की जिम्मेदारी तय करते हुए भुगतान पर रोक लगाने तथा नियमानुसार कार्रवाई की जाए।
नगर पंचायत और दरगाह प्रशासन की जिम्मेदारी को लेकर भी उठ रहे सवाल स्थानीय लोगों का कहना है कि सफाई और कीटनाशक दवाओं के छिड़काव को लेकर कई बार नगर पंचायत के अधिशासी अधिकारी और दरगाह कार्यालय से मांग की जा चुकी है, लेकिन अब तक समुचित कार्रवाई नहीं हुई। लोगों का आरोप है कि नगर पंचायत की ओर से उर्स की सफाई का ठेका लेने वाले ठेकेदार की जिम्मेदारी बताकर मामले से पल्ला झाड़ा जा रहा है। वहीं, सफाई व्यवस्था को लेकर नगर पंचायत और दरगाह क्षेत्र के बीच जिम्मेदारी को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं होने से समस्या और गंभीर होती जा रही है।
पत्रकारों की लगातार खबरों के बावजूद नहीं जागे जिम्मेदार कलियर की बदहाल सफाई व्यवस्था को लेकर पत्रकार बंधुओं द्वारा लगातार खबरों के माध्यम से जिम्मेदार अधिकारियों का ध्यान आकर्षित किया जा रहा है। इसके बावजूद यदि समय रहते नालियों की सफाई, कूड़ा उठान और कीटनाशक व मच्छररोधी दवाओं का छिड़काव नहीं कराया गया तो स्थिति और बिगड़ सकती है।स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रशासन को किसी बड़ी बीमारी के फैलने या महामारी जैसी स्थिति पैदा होने का इंतजार नहीं करना चाहिए। समय रहते युद्धस्तर पर सफाई अभियान चलाकर पूरे मेला क्षेत्र और नगर पंचायत क्षेत्र में कीटनाशक तथा मच्छररोधी दवाओं का छिड़काव कराया जाना बेहद जरूरी है।
करोड़ों के बजट के दावों के बीच धरातल पर बदहाली क्यों लोगों ने नगर पंचायत के जनप्रतिनिधियों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि बोर्ड बैठकों में विकास कार्यों के लिए करोड़ों रुपये के बजट स्वीकृत किए जाने के दावे किए जाते हैं, लेकिन धरातल पर सफाई जैसी मूलभूत व्यवस्था तक बदहाल नजर आती है। लोगों का सवाल है कि आखिर विकास का बजट जमीन पर कहां दिखाई दे रहा है?
अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि जिम्मेदार अधिकारी कब जागेंगे? क्या कलियर की सफाई व्यवस्था दुरुस्त कराने के लिए किसी गंभीर बीमारी के फैलने का इंतजार किया जा रहा है?