अतीक साबरी:-पिरान कलियर। दरगाह हजरत अलाउद्दीन अली अहमद साबिर पाक में कथित फर्जी खादिमों की बढ़ती सक्रियता ने दरगाह की व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। सूत्रों के मुताबिक प्रसाद की दुकानों की आड़ में कुछ कथित फर्जी खादिम दरगाह परिसर में प्रवेश कर रहे हैं और जायरीनों को जियारत कराने के नाम पर कथित रूप से मोटी रकम वसूल रहे हैं।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि सुरक्षा और व्यवस्था के लिए तैनात कर्मचारियों की मौजूदगी के बावजूद ऐसे लोगों की दरगाह परिसर में एंट्री कैसे हो रही है।बताया जा रहा है कि प्रसाद की दुकानों की आड़ लेकर कुछ लोग दरगाह में चढ़ाए जाने वाले फूलों की पत्तियां और लकड़ी की प्लेटें वापस लाने के नाम पर अंदर-बाहर आवाजाही करते हैं। कुछ दिन पूर्व रुड़की तहसीलदार एवं दरगाह प्रबंधक विकास अवस्थी ने फूलों की पत्तियां बाहर ले जाने पर रोक लगाई थी, लेकिन आरोप है कि रोक के बावजूद यह सिलसिला दोबारा शुरू हो गया है।
जियारत के नाम पर ‘वीआईपी’ खेल, जायरीनों से वसूली का आरोप सूत्रों का दावा है कि कथित फर्जी खादिम बाहर से आने वाले जायरीनों को विशेष अथवा वीआईपी प्रवेश दिलाने और आसानी से जियारत कराने का भरोसा देते हैं। इसके एवज में उनसे मोटी रकम लिए जाने के आरोप हैं। सवाल यह भी उठ रहा है कि यदि दरगाह में अधिकृत प्रवेश व्यवस्था मौजूद है तो कथित फर्जी खादिमों को यह सुविधा उपलब्ध कराने वाला कौन है?
आरोप यह भी हैं कि जियारत के नाम पर वसूली जाने वाली रकम का कुछ हिस्सा दरगाह में चढ़ावे के रूप में जाने के बजाय निजी तौर पर रखा जाता है। यदि जांच में यह बात सही पाई जाती है तो यह न केवल जायरीनों के साथ धोखा होगा, बल्कि दरगाह की व्यवस्था और आस्था से जुड़े चढ़ावे पर भी गंभीर सवाल खड़े करेगा।
पीआरडी और दरगाह कर्मियों की ड्यूटी पर ‘निगरानी’ का सवाल दरगाह की सुरक्षा और व्यवस्था के लिए पीआरडी जवानों की तैनाती की गई है। इसके बावजूद कथित फर्जी खादिमों का परिसर में सक्रिय रहना व्यवस्था की निगरानी पर सवाल खड़ा करता है। सूत्रों के मुताबिक कुछ संदिग्ध लोग दरगाह कर्मियों और पीआरडी जवानों के आसपास समूह बनाकर घूमते नजर आते हैं।यही वजह है कि अब जायरीनों और स्थानीय लोगों ने दरगाह प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और ड्यूटी पर तैनात पीआरडी तथा दरगाह कर्मियों की भूमिका की भी जांच करने की मांग की है।
लोगों का कहना है कि यदि जांच में कोई कर्मचारी या सुरक्षा कर्मी कथित फर्जी खादिमों को अंदर प्रवेश कराने, वीआईपी जियारत कराने या वसूली में मदद करता पाया जाता है तो उसके खिलाफ भी कार्रवाई होनी चाहिए।
‘इलाज’ सिर्फ फर्जी खादिमों का नहीं, व्यवस्था की खामियों का भी जरूरी स्थानीय लोगों का कहना है कि दरगाह परिसर में अधिकृत खादिमों की स्पष्ट पहचान व्यवस्था लागू होनी चाहिए। अधिकृत खादिमों की सूची, पहचान-पत्र और प्रवेश व्यवस्था की नियमित जांच हो तथा प्रसाद की दुकानों से दरगाह परिसर में होने वाली आवाजाही पर सख्त निगरानी रखी जाए।लोगों का यह भी कहना है कि जायरीनों को जियारत के नाम पर किसी भी प्रकार की अवैध वसूली से बचाने के लिए स्पष्ट व्यवस्था लागू होनी चाहिए। साथ ही सुरक्षा ड्यूटी पर तैनात कर्मचारियों की जवाबदेही तय की जाए, ताकि किसी भी कथित फर्जी खादिम को संरक्षण या अनधिकृत प्रवेश की गुंजाइश न रहे।
फर्जी खादिमों के खिलाफ जल्द चलेगा अभियान: कमल मोहन भंडारीकलियर कोतवाली प्रभारी कमल मोहन भंडारी ने बताया कि जल्द ही दरगाह के अंदर फर्जी खादिमों के खिलाफ अभियान चलाया जाएगा। जो भी व्यक्ति दरगाह की व्यवस्थाओं के साथ खिलवाड़ करता पाया जाएगा, उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।