डीएम मयूर दीक्षित की कार्यशैली से खुश है आमजन
हरिद्वार। जनसमस्याओं के त्वरित समाधान को लेकर जिलाधिकारी हरिद्वार मयूर दीक्षित की कार्यशैली का एक और उदाहरण सामने आया है। करीब छह माह से राशन कार्ड बनवाने के लिए सरकारी कार्यालयों के चक्कर काट रही दिव्यांग महिला रिहाना की समस्या का समाधान डीएम के निर्देश के बाद महज 24 घंटे के भीतर कर दिया गया। महिला का अंत्योदय श्रेणी का गुलाबी राशन कार्ड बन जाने के बाद उसके परिवार को बड़ी राहत मिली है।

जानकारी के मुताबिक, रिहाना दिव्यांग हैं और उनके पति मजदूरी कर परिवार का पालन-पोषण करते हैं। महिला के पति भी बर्न इंजरी की समस्या से जूझ रहे हैं। आर्थिक रूप से कमजोर परिवार होने के कारण रिहाना लंबे समय से अपने परिवार को अंत्योदय योजना के तहत मिलने वाली सुविधाओं का लाभ दिलाने के लिए प्रयास कर रही थीं।
बताया गया कि रिहाना के पास पहले से पीला राशन कार्ड था, लेकिन परिवार की आर्थिक स्थिति और परिस्थितियों को देखते हुए वह अंत्योदय श्रेणी का गुलाबी राशन कार्ड बनवाना चाहती थीं। इसके लिए वह करीब छह माह से संबंधित कार्यालयों के चक्कर काट रही थीं। लगातार प्रयास के बावजूद समस्या का समाधान नहीं होने पर रिहाना अपनी फरियाद लेकर जिलाधिकारी के जनता दरबार में पहुंचीं।
जनता दरबार में महिला ने जिलाधिकारी मयूर दीक्षित के सामने अपनी समस्या रखी। डीएम ने मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारियों को तत्काल आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी के निर्देश के बाद विभागीय स्तर पर प्रक्रिया को तेजी से आगे बढ़ाया गया और करीब 24 घंटे के भीतर रिहाना का अंत्योदय राशन कार्ड बनाकर तैयार कर दिया गया।
राशन कार्ड बनने के बाद रिहाना ने जिलाधिकारी मयूर दीक्षित और प्रशासन का आभार जताया। महिला ने कहा कि लंबे समय से वह इस समस्या को लेकर परेशान थी और कई बार प्रयास करने के बाद भी समाधान नहीं हो पा रहा था। जनता दरबार में अपनी बात रखने के बाद जिस तेजी से कार्रवाई हुई, उससे उसे काफी राहत मिली है।
प्रशासन की इस त्वरित कार्रवाई को जनसमस्याओं के समाधान की दिशा में महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। खास तौर पर दिव्यांग और आर्थिक रूप से कमजोर परिवार की समस्या का प्राथमिकता के आधार पर समाधान होने से प्रशासन की संवेदनशील कार्यशैली सामने आई है।
जिलाधिकारी मयूर दीक्षित द्वारा जनता दरबार में प्राप्त शिकायतों पर तत्काल संज्ञान लेकर अधिकारियों को समयबद्ध कार्रवाई के निर्देश दिए जा रहे हैं। इससे आम लोगों को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए लंबा इंतजार नहीं करना पड़े, इस दिशा में प्रशासन लगातार प्रयास कर रहा है।
रिहाना के मामले में भी छह माह से लंबित समस्या का 24 घंटे में समाधान होने के बाद स्थानीय स्तर पर जिलाधिकारी की कार्यशैली की सराहना की जा रही है। आमजन का कहना है कि यदि इसी तरह शिकायतों पर त्वरित और संवेदनशील कार्रवाई होती रही तो सरकारी योजनाओं का लाभ जरूरतमंद लोगों तक और प्रभावी तरीके से पहुंच सकेगा।