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हरिद्वार। बहादराबाद कोतवाली क्षेत्र के शांतरशाह में 14 सितंबर को हुए बहुचर्चित हैप्पी हत्याकांड का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। हत्याकांड में शामिल बदमाशों की तलाश में जुटी बहादराबाद पुलिस, सीआईयू हरिद्वार और सीआईयू रुड़की की संयुक्त टीम की देर रात बदमाशों से मुठभेड़ हो गई। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में एक बदमाश पैर में गोली लगने से घायल हो गया, जिसे पुलिस ने मौके से गिरफ्तार कर उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया।

गिरफ्तार आरोपी की पहचान मुदस्सिर पुत्र जमशेद निवासी ग्राम दतौली रांगड़, थाना कोतवाली देहात, जिला सहारनपुर के रूप में हुई है। उसका दूसरा साथी अंधेरे का फायदा उठाकर मौके से फरार हो गया, जिसकी तलाश में पुलिस टीमों की ओर से कांबिंग की जा रही है। घटना की जानकारी मिलने पर एसएसपी नवनीत सिंह भुल्लर भी अस्पताल पहुंचे और पुलिस टीम से घटनाक्रम की जानकारी लेते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

14 सितंबर को पतंजलि रोड स्थित देव धर्म कांटा, शांतरशाह के पास 28 वर्षीय हैप्पी की अज्ञात बदमाशों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। मृतक के भाई कपिल की तहरीर पर कोतवाली बहादराबाद में मुकदमा अपराध संख्या 326/2026, धारा 103(1) बीएनएस के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था। घटना की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी नवनीत सिंह भुल्लर ने घटनास्थल का निरीक्षण कर पुलिस अधिकारियों को तत्काल हत्याकांड के खुलासे के निर्देश दिए थे और अलग-अलग टीमों का गठन किया था।
नहर पटरी पर रोकने का प्रयास, बदमाशों ने की फायरिंग पुलिस के अनुसार, देर रात चेकिंग के दौरान नहर पटरी स्थित तिरछा पुल के पास बाइक सवार दो संदिग्धों को पुलिस टीम ने रोकने का इशारा किया। आरोप है कि बदमाशों ने पुलिसकर्मियों पर तमंचे से फायर कर दिया और बाइक मोड़कर कलियर की ओर भागने लगे। सूचना पर आसपास के थानों का पुलिस बल मौके पर पहुंचा और पुलिस टीम ने बदमाशों का पीछा शुरू कर दिया।
बदमाश बाइक लेकर दौलतपुर की ओर जाने वाले रास्ते पर पहुंचे और नदी की ओर जाने वाले रास्ते पर बाइक छोड़कर झाड़ियों की आड़ में छिप गए। यहां से उन्होंने पुलिस टीम पर दोबारा फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस के अनुसार, बदमाशों की गोली सरकारी वाहन की ड्राइवर साइड की खिड़की के नीचे भी लगी।
पुलिस टीम ने घेराबंदी कर बदमाशों को आत्मसमर्पण के लिए ललकारा, लेकिन फायरिंग जारी रहने पर पुलिस ने आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई की।कुछ देर बाद झाड़ियों की ओर से फायरिंग बंद हुई और एक बदमाश ने आत्मसमर्पण करने की आवाज लगाई। पुलिस टीम ने सावधानीपूर्वक तलाशी ली तो नदी की ओर जाने वाली ढलान पर एक युवक घायल अवस्था में मिला। उसके बाएं पैर की पिंडली में गोली लगी थी। पूछताछ में उसने अपना नाम मुदस्सिर बताया। उसे तत्काल उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया।
हत्या के पीछे पुरानी रंजिश का पुलिस ने बताया कारण पुलिस के मुताबिक, जांच में सामने आया कि वर्ष 2022 में इस्तकार उर्फ इस्तयाक अमजद निवासी कोतवाली जनकपुरी, सहारनपुर की पुत्री को भगाकर ले गया था। इस मामले में जनकपुरी थाने में मुकदमा दर्ज हुआ था और इस्तकार की गिरफ्तारी हुई थी। पुलिस के अनुसार, इस्तकार को शक था कि उसकी गिरफ्तारी में मृतक हैप्पी ने मुखबिरी की थी। इसके बाद दोनों के बीच रंजिश चली आ रही थी।
पुलिस का दावा है कि जेल से बाहर आने के बाद इस्तकार स्मैक के धंधे में लिप्त हो गया था और हैप्पी उसे पुलिस से पकड़वाने की धमकी देता था। इसी रंजिश के चलते इस्तकार ने अपने साथियों के साथ मिलकर हैप्पी को ठिकाने लगाने की योजना बनाई।
पुलिस के अनुसार, 12 सितंबर को घटनास्थल की रेकी की गई और 14 सितंबर को वारदात को अंजाम दिया गया।एक आरोपी गिरफ्तार, दूसरे की तलाशमुठभेड़ के दौरान गिरफ्तार मुदस्सिर के कब्जे से पुलिस ने 315 बोर का एक तमंचा, दो खोखा कारतूस, दो जिंदा कारतूस, एक मोबाइल फोन और काले रंग की स्पेलेंडर मोटरसाइकिल बरामद की है। दूसरा बदमाश मौके से फरार हो गया, जिसकी तलाश में पुलिस लगातार दबिश और कांबिंग कर रही है।
पुलिस टीम की कार्रवाई पर एसएसपी हरिद्वार की ओर से 2,500 रुपये और पुलिस महानिरीक्षक गढ़वाल परिक्षेत्र की ओर से 5,000 रुपये के पुरस्कार की घोषणा की गई है।
ये पुलिस टीमें रहीं शामिल कोतवाली बहादराबाद: प्रभारी निरीक्षक अमरजीत सिंह, व0उ0नि0 अशोक सिरसवाल, उपनिरीक्षक विकास रावत, उपनिरीक्षक अजय कुमार, उपनिरीक्षक हेमदत्त भारद्वाज, कांस्टेबल सतेन्द्र चौधरी, बलवंत सिंह, अरुण चमोली, हिमांशु पंत, विकास थापा, अवनेश राणा, हेड कांस्टेबल राजवर्धन और कांस्टेबल चंदन।सीआईयू हरिद्वार: निरीक्षक नरेंद्र बिष्ट, कांस्टेबल दीपगौड़, हरवीर सिंह, उमेश, वसीम और नरेंद्र।
सीआईयू रुड़की: निरीक्षक रविंद्र शाह, एएसआई अश्वनी, कांस्टेबल रविंद्र खत्री, महिपाल, मनमोहन भंडारी, राहुल, आशीष शर्मा और अजय काला।अन्य पुलिस टीम: थानाध्यक्ष अंकुर शर्मा (बुग्गावाला), थानाध्यक्ष अजय शाह (सिडकुल), उपनिरीक्षक खेमेंद्र गंगवार (कोतवाली नगर), उपनिरीक्षक देवेंद्र तोमर (श्यामपुर), उपनिरीक्षक उमेश कुमार (कनखल), एएसआई युवराज सिंह, हेड कांस्टेबल सोहन राणा, कांस्टेबल गजेंद्र सिंह, नवीन क्षेत्री, दीपक दानू, जितेंद्र मलिक, सतेन्द्र रावत, संजय ठाकुर और अंकित कुमार शामिल रहे।