Food Safety रसगुल्लों के कनस्तरों में मिली मरी हुई मक्खियां, कंपनी सील, लाइसेंस निरस्त, सिडकुल में भी छापे, हड़कंप

Food Safety रसगुल्लों के कनस्तरों में मिली मरी हुई मक्खियां, कंपनी सील, लाइसेंस निरस्त, सिडकुल में भी छापे, हड़कंप

Food Safety रसगुल्लों के कनस्तरों में मिली मरी हुई मक्खियां, कंपनी सील, लाइसेंस निरस्त, सिडकुल में भी छापे, हड़कंप रक्षा बंधन को देखते हुए खाद्य सुरक्षा विभाग ने कलियर सोहलपुर में चल रही मिठाई निर्माण कंपनी को गुणवत्ता का ध्यान ना रखने और स्टार्च पाउडर का प्रयोग करने पर सील कर दिया है। यही नहीं कंपनी का फूड लाइसेंस भी निरस्त कर दिया गया है। इसके अलावा सिडकुल में भी पनीर बनाने वाली इकाई पर छापामारी की गई और एनालोग पनीर की संभावना को देखते हुए सैंपल जांच के लिए भेज दिए।

रसगुल्लों के कनस्तरों में मिलीं मरी हुई मक्खियां
निरीक्षण के दौरान टीम को रसगुल्लों के कई कनस्तरों में मरी हुई मधुमक्खियां और मक्खियां मिलीं। कनस्तरों में जंग भी लगी हुई थी। टीम की जांच में यह भी सामने आया कि मिठाई निर्माण में स्टार्च पाउडर का इस्तेमाल** किया जा रहा था।
फैक्ट्री की साफ-सफाई की स्थिति भी बेहद खराब पाई गई। फर्श, दीवारों और छत पर गंदगी जमा थी। मिल्क केक की ट्रे और अन्य सामग्री को धूल भरे स्थानों पर रखा गया था। खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने मौके की स्थिति को खाद्य सुरक्षा और स्वच्छता के लिहाज से गंभीर माना।

Food Safety रसगुल्लों के कनस्तरों में मिली मरी हुई मक्खियां, कंपनी सील, लाइसेंस निरस्त, सिडकुल में भी छापे, हड़कंप
Food Safety रसगुल्लों के कनस्तरों में मिली मरी हुई मक्खियां, कंपनी सील, लाइसेंस निरस्त, सिडकुल में भी छापे, हड़कंप

तीन सैंपल लिए, बची मिठाई और स्टार्च कराया नष्ट

खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने मौके से खुले रसगुल्ले, मिल्क केक और स्टार्च पाउडर के तीन नमूने लेकर प्रयोगशाला जांच के लिए भेजे। इसके बाद शेष मिठाइयों और स्टार्च पाउडर, जिसकी मात्रा करीब दो क्विंट बताई गई, को मौके पर गड्ढा खुदवाकर नष्ट कराया गया।

विभाग ने वाजिद स्वीट्स की मिठाई निर्माण इकाई को अग्रिम आदेश तक बंद करा दिया है और उसका खाद्य लाइसेंस निलंबित कर दिया गया है। आगे की कार्रवाई जांच और नियमानुसार प्रक्रिया के आधार पर की जाएगी।

सिडकुल की पनीर यूनिट से भी लिया सैंपल

इसी टीम ने सिडकुल स्थित पनीर निर्माण इकाई का भी निरीक्षण किया। मौके पर फ्रीजर में करीब 50 किलो निर्मित पनीर मिला। पनीर की गुणवत्ता और यह जांचने के लिए कि यह एनालॉग पनीर तो नहीं है, उसमें से एक नमूना लेकर प्रयोगशाला जांच के लिए भेजा गया। निरीक्षण के दौरान मौके पर कोई हानिकारक केमिकल नहीं मिला।

चार डेयरियों और रेस्टोरेंट से पांच सैंपल

वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारी दिलीप जैन के नेतृत्व में मायापुर, कनखल, रानीपुर क्षेत्र और ज्वालापुर में स्थित डेयरियों, रेस्टोरेंट और सप्लायर प्रतिष्ठानों का भी निरीक्षण किया गया। इस दौरान प्रयोगशाला जांच के लिए घेवर, पतीसा, खुला दूध, दही और पाम/पामोलिन ऑयल के पांच नमूने लिए गए।