अतीक साबरी:-
News 129 पिरान कलियर। 758वें सालाना उर्स/मेले को सकुशल और व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए ज्वाइंट मजिस्ट्रेट रुड़की एवं मेला अधिकारी दीपक रामचंद्र सेठ पूरी तरह एक्शन मोड में नजर आ रहे हैं। मेले में व्यवस्थाओं को लेकर उनकी सक्रियता और लगातार निरीक्षण से साफ है कि इस बार प्रशासन किसी भी स्तर पर लापरवाही के मूड में नहीं है। जायरीनों की सुविधा, सुरक्षा, साफ-सफाई, भीड़ नियंत्रण और मेले की तमाम व्यवस्थाओं पर ज्वाइंट मजिस्ट्रेट खुद पैनी नजर बनाए हुए हैं।उर्स के दौरान ज्वाइंट मजिस्ट्रेट दीपक रामचंद्र सेठ, एसडीएम भगवानपुर रविंद्र नेगी और तहसीलदार विकास अवस्थी दरगाह कार्यालय पहुंचे।
राष्ट्रगान और वंदे मातरम के गायन के बाद अधिकारियों ने दरगाह साबिर पाक में चादर और फूल पेश कर अमन-चैन एवं खुशहाली की दुआ मांगी। इसके बाद दरगाह कार्यालय में कर्मचारियों के साथ बैठक कर मेले की व्यवस्थाओं की समीक्षा की गई।
बैठक में अधिकारियों ने जायरीनों को किसी भी तरह की परेशानी न हो, इसके लिए व्यवस्थाओं को लगातार बेहतर रखने के निर्देश दिए। इसके साथ ही साफ-सफाई, सुरक्षा, भीड़ नियंत्रण और अन्य महत्वपूर्ण व्यवस्थाओं की जानकारी ली गई। ज्वाइंट मजिस्ट्रेट ने मेले के विभिन्न स्थानों का निरीक्षण कर मौके पर व्यवस्थाओं का जायजा भी लिया।
नियम तोड़ने वालों पर भी सख्ती ज्वाइंट मजिस्ट्रेट दीपक रामचंद्र सेठ ने स्पष्ट किया कि उर्स/मेले में नियमों का उल्लंघन किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने बताया कि निरीक्षण के दौरान कुछ होटल संचालकों द्वारा बिना लाइसेंस खाद्य सामग्री तैयार किए जाने पर चालान की कार्रवाई की गई है। उन्होंने कहा कि मेले के दौरान नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।
दरगाह प्रबंधन की टीम भी बनी व्यवस्थाओं की रीढ़ प्रशासन के साथ-साथ दरगाह प्रबंधन की पूरी टीम भी उर्स को सफल बनाने के लिए दिन-रात मेहनत कर रही है। व्यवस्थाओं को जमीन पर उतारने से लेकर कर्मचारियों के बीच समन्वय और जायरीनों की सुविधाओं पर नजर रखने तक टीम लगातार सक्रिय है। दरगाह प्रबंधक एवं तहसीलदार विकास अवस्थी के नेतृत्व में कर्मचारी अपनी जिम्मेदारियों को पूरी गंभीरता से निभा रहे हैं।
अकाउंटेंट सद्दाम अली की दिन-रात मेहनत भी चर्चा में उर्स की व्यवस्थाओं में दरगाह अकाउंटेंट सद्दाम अली भी लगातार सक्रिय नजर आ रहे हैं। कार्यालयी कामकाज के साथ-साथ मेले से जुड़ी व्यवस्थाओं में समन्वय बनाए रखने के लिए वह दिन-रात जुटे हुए हैं। टीम के साथ लगातार संपर्क में रहकर काम को गति देने में उनकी भूमिका भी अहम बनी हुई है।सुपरवाइजर इंतखाब आलम, राव शरीक, राव सिकंदर, अफजाल अली समेत दरगाह प्रबंधन से जुड़े अन्य कर्मचारी भी अपने-अपने स्तर पर पूरी जिम्मेदारी के साथ जुटे हैं।
प्रशासन और दरगाह प्रबंधन की यह संयुक्त मेहनत उर्स को शांतिपूर्ण, सुरक्षित और बेहतर व्यवस्थाओं के साथ संपन्न कराने की दिशा में अहम कदम मानी जा रही है।इस बार मेले में प्रशासनिक सख्ती और दरगाह प्रबंधन की मेहनत का तालमेल साफ दिखाई दे रहा है।
ज्वाइंट मजिस्ट्रेट दीपक रामचंद्र सेठ की सक्रिय निगरानी और पूरी टीम की लगातार मेहनत से जायरीनों को बेहतर व्यवस्थाएं उपलब्ध कराने की कोशिश जारी है।