कांग्रेस नेता राहुल गांधी का निजी सचिव बनकर उत्तराखण्ड की महिला नेत्री भावना पांडे से पार्टी में अच्छा पद और टिकट दिलाने का आश्वासन देने के नाम पर पच्चीस लाख रुपए की ठगी की वारदात हुई है। आरोपी ने भावना पांडे को विश्वास में लेने के लिए उत्तराखण्ड के सीनियर नेताओं की आवाज स्पीकर फोन पर सुनाई और राज्य की सभी सीटों पर सर्वे और पार्टी में प्रमुख पद व टिकट का आश्वासन देकर पच्चीस लाख रुपए ले लिए। मामले में पुलिस ने मुकदमा दर्ज राहुल गांधी के फर्जी निजी सचिव को गिरफ्तार किया है, जो विभिन्न राज्यों में नेताओं को टिकट दिलाने के नाम पर ठगता था।
क्या है पूरा मामला
देहरादून पुलिस ने बताया कि भावना पांडे ने राजपुर थाने में तीन मई को शिकायत दर्ज कराई कि कनिष्क सिंह नाम के व्यक्ति ने खुद को राहुल गांधी का निजी सचिव बताया और दावा किया कि उत्तराखण्ड की सभी सीटों पर सर्वे चल रहा है ताकि आगामी चुनाव में टिकट देने में मदद मिले। इसके लिए कांग्रेस के दस विधायक देहरादून के एक फाइव स्टार होटल में रुके हैं। कनिष्क सिंह ने भावना पांडे को झांसे में लेकर पार्टी में अच्छा पद दिलाने और महत्वपूर्ण पद पार्टी में दिलाने के नाम पर पच्चीस लाख रुपए ले लिए और वापस मांगने पर लौटाने से मना कर दिया।

बड़े नेताओं की स्पीकर पर सुनाई आवाज
भावना पांडे ने अपनी तहरीर में दावा किया कि कनिष्क सिंह ने विश्वास में लेने के लिए हरीश रावत, हरक सिंह रावत, यशपाल आर्य और गणेश गोदियाल आदि नेताओं की स्पीकर पर आवाज भी सुनाई। हालांकि पुलिस इन दावों की जांच कर रही है। लेकिन पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।
राहुल गांधी का निजी सचिव
शातिर ठग कई नेताओं को ठग चुका है
वहीं देहरादून पुलिस ने भावना पांडे की शिकायत पर ठग गौरव कुमार निवासी अमृतसर पंजाब को गिरफ्तार किया है। आरोपी गूगल के माध्यम से बडी राजनैतिक पार्टियों से जुडे उनके वरिष्ठ पदाधिकारियों व नेताओं तथा उनके करीबियों/सहयोगियों के सम्बन्ध में जानकारियां जुटाता था। इस दौरान उसे कनिष्क सिंह नाम के एक व्यक्ति, जो वर्ष 2003 से 2015 तक एक राष्ट्रीय पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारी के निजी सचिव के रूप में कार्यरत था तथा वर्तमान समय में भी उक्त पदाधिकारी का काफी करीबी है, के सम्बन्ध में जानकारी प्राप्त हुई। जिस पर उसके द्वारा कनिष्क सिंह के नाम से ट्रू-कॉलर में एक आईडी बनाई तत्पश्चात neta.com साइट पर जाकर उक्त राष्ट्रीय राजनैतिक पार्टी से जुडे पूरे देश के वरिष्ठ नेताओं के बारे में विस्तृत जानकारी प्राप्त की गई तथा अपने 03 अन्य साथियों छज्जू, रजत मदान व मनिंदर सिंह कालू, जो पंजाब के ही रहने वाले हैं, के साथ मिलकर कई लोगों के साथ ठगी की घटनाओं को अंजाम दिया गया।
राजस्थान और बिहार में भी नेताओं को ठगा
अभियुक्त द्वारा स्वयं को उक्त राजनैतिक पार्टी के उक्त पदाधिकारी का निजि सचिव बताते हुए वर्ष 2017 में जयपुर राजस्थान में 02 नेताओं को विधायक का टिकट दिलवाने के एवज में उनसे अलग-अलग 01 करोड़ 90 लाख तथा 12 लाख रुपए लिए गये। इसके अतिरिक्त वर्ष 2025 में भी उसके द्वारा इसी प्रकार पटना बिहार में राजनैतिक पार्टी से जुडे एक नेता से पार्टी में पद दिलाने के एवज में 03 लाख रू0 लिए गये। अभियुक्त द्वारा अन्य राज्यों में भी इसी प्रकार ठगी की घटनाओं को अंजाम देते हुए राजनैतिक पार्टियों से जुडे अन्य व्यक्तियों से भी मोटी धनराशि लिये जाने की बात बताई गई है, जिसके सम्बन्ध में जानकारी की जा रही है।
