स्विफ्ट कार की चेकिंग में खुला करोड़ों की साइबर ठगी का खेल, “मगध गैंग” के 5 शातिर गिरफ्तार

News 129 हरिद्वार।

उत्तराखंड पुलिस मुख्यालय के साइबर क्राइम हॉटस्पॉट अभियान के तहत हरिद्वार पुलिस ने साइबर अपराध के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए संगठित साइबर फ्रॉड नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। कोतवाली श्यामपुर पुलिस ने संदिग्ध वाहन की चेकिंग के दौरान “मगध साइबर गैंग” से जुड़े पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया। पुलिस ने इनके कब्जे से 35 एटीएम/डेबिट कार्ड, 14 बैंक पासबुक, 17 सिम कार्ड, 18 मोबाइल फोन, दो लैपटॉप, एटीएम कवर, पैन कार्ड और 37,500 रुपये की नकदी बरामद की है।

स्विफ्ट कार बनी पुलिस के हाथ बड़ा सुराग 25/26 अगस्त की रात को कोतवाली श्यामपुर पुलिस क्षेत्र में संदिग्ध व्यक्तियों और वाहनों की चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान सज्जनपुर पीली क्षेत्र में मुखबिर से सूचना मिली कि एक सफेद रंग की स्विफ्ट कार में साइबर फ्रॉड से जुड़े कुछ संदिग्ध व्यक्ति मौजूद हैं।सूचना पर पुलिस टीम ने रसियाबड़ सिंगल लाइन प्वाइंट पर चेकिंग शुरू की। कुछ देर बाद चिड़ियापुर की ओर से आई स्विफ्ट कार संख्या UK-08AF-0560 को रोककर तलाशी ली गई। कार में सवार पांच लोगों की तलाशी और वाहन की जांच के दौरान एक बैग से साइबर फ्रॉड से जुड़ा पूरा सामान बरामद हुआ।

एक बैग में मिला साइबर ठगी का पूरा सेटअप पुलिस के अनुसार बरामदगी में—35 ATM/Debit Cards14 Bank Passbooks17 SIM Cards18 Mobile Phones02 Laptops01 Laptop Charger10 ATM CoversPAN Cards₹37,500 नगदशामिल हैं।कई बड़े बैंकों के खातों से जुड़ा नेटवर्कबरामद 14 बैंक पासबुकों की जांच में Central Bank of India, Indian Overseas Bank, SBI, UCO Bank, Bank of Maharashtra, Indian Bank और The Nainital Bank Ltd. समेत कई बैंकों के खातों की जानकारी सामने आई है।पुलिस को इन खातों से ऋषिकेश, हरिद्वार, कनखल, देहरादून और आसपास के क्षेत्रों से जुड़े बैंकिंग नेटवर्क के सुराग मिले हैं।35 एटीएम कार्डों ने खोली नेटवर्क की परतबरामद एटीएम/डेबिट कार्डों में Union Bank, Bank of Maharashtra, Indian Overseas Bank, Uttarakhand Gramin Bank, Nainital Bank, Canara Bank, PNB, Central Bank of India, Indian Bank, UCO Bank, Bank of Baroda, City Union Bank और HDFC Bank सहित कई बैंकों के कार्ड मिले हैं।

₹2.75 करोड़ से ज्यादा की संदिग्ध डिजिटल मनी ट्रेलपुलिस के प्रारंभिक डिजिटल और बैंकिंग विश्लेषण में ₹2.75 करोड़ से अधिक के संदिग्ध डिजिटल लेन-देन के महत्वपूर्ण सुराग मिले हैं। बरामद मोबाइल फोन में WhatsApp चैट, बैंक खातों की जानकारी, QR Code और पैसों के लेन-देन से जुड़ी बातचीत मिली है।

पुलिस के मुताबिक बैंक खातों की स्टेटमेंट, KYC, ट्रांजैक्शन हिस्ट्री और डिजिटल फॉरेंसिक जांच के बाद वास्तविक धनराशि और पूरी मनी ट्रेल का पता लगाया जाएगा।म्यूल अकाउंट से ATM तक ऐसे पहुंचती थी रकमपूछताछ में पुलिस के सामने आया कि आरोपी कथित तौर पर स्थानीय लोगों से बैंक खाते, पासबुक, एटीएम कार्ड और सिम हासिल करते थे। इसके बाद खातों का एटीएम पिन और यूपीआई एक्सेस अपने पास रखते थे।साइबर ठगी की रकम पहले म्यूल अकाउंट में पहुंचती थी। इसके बाद रकम को अलग-अलग खातों और यूपीआई के जरिए ट्रांसफर कर ATM/CDM से नकदी निकालने का काम किया जाता था। निकाली गई रकम को कमीशन के आधार पर बांटा जाता था।

नालंदा-नवादा से हरिद्वार तक फैले नेटवर्क की जांच गिरफ्तार आरोपियों में अधिकांश बिहार के नालंदा और नवादा जिले के रहने वाले हैं। पुलिस पूछताछ में बिहार क्षेत्र से जुड़े अन्य लोगों द्वारा बैंक खाते उपलब्ध कराने और साइबर फ्रॉड की रकम के संबंध में जानकारी देने की बात भी सामने आई है। पुलिस अब पूरे नेटवर्क में शामिल अन्य लोगों की भूमिका खंगाल रही है।

गिरफ्तार आरोपीकृष्णा पाण्डे, उम्र 24 वर्ष — नालंदा, बिहारनिरंजन कुमार, उम्र 24 वर्ष — नवादा, बिहारसन्नी, उम्र 21 वर्ष — हरिद्वारचन्द्रमणि कुमार, उम्र 24 वर्ष — नवादा, बिहारचन्दन पाण्डे, उम्र 20 वर्ष — हरिद्वार

थाना प्रभारी नितेश शर्मा और टीम ने दिखाया दम — चेकिंग से खुला करोड़ों की मनी ट्रेल का राजश्यामपुर पुलिस की सतर्कता बनी बड़ी कार्रवाई की वजह संदिग्ध वाहन की समय रहते चेकिंग, मुखबिर तंत्र की सक्रियता और पुलिस टीम की तत्परता ने साइबर फ्रॉड के इस नेटवर्क तक पहुंचने में अहम भूमिका निभाई। थाना प्रभारी नितेश शर्मा के नेतृत्व में श्यामपुर पुलिस टीम ने सड़क पर सामान्य चेकिंग से शुरू हुई कार्रवाई को साइबर फ्रॉड के बड़े नेटवर्क के खुलासे तक पहुंचाया।

पुलिस टीम की इस कार्रवाई में बड़ी संख्या में बैंकिंग दस्तावेज, एटीएम कार्ड, सिम, मोबाइल फोन और लैपटॉप बरामद हुए, जिनके डिजिटल विश्लेषण से नेटवर्क की अन्य कड़ियां सामने आने की उम्मीद है।एसएसपी हरिद्वार ने कहा कि साइबर अपराधी कहीं भी छिपे हों, पुलिस उनके नेटवर्क तक पहुंचकर उन्हें सलाखों के पीछे पहुंचाएगी। साइबर अपराध के खिलाफ बड़ी टीम लगातार काम कर रही है।

पुलिस टीमSP City अभय सिंह, CO City शिशुपाल नेगी, CO साइबर क्राइम/भगवानपुर सुमित पाण्डे, थानाध्यक्ष नितेश शर्मा, SSI मनोज रावत, SI देवेंद्र तोमर, SI मोहन कठैत, SI गगन मैठाणी, ASI रविन्द्र गौड़, ASI देवेंद्र यादव, हेड कांस्टेबल नरेंद्र सिंह नेगी समेत कोतवाली श्यामपुर, साइबर क्राइम/SOG और होमगार्ड के जवान शामिल रहे।

बरामदगी एक नजर में35 ATM कार्ड | 14 बैंक पासबुक | 17 SIM कार्ड | 18 मोबाइल फोन | 02 लैपटॉप | 01 चार्जर | 10 ATM कवर | PAN कार्ड | ₹37,500 नगदकानूनी कार्रवाईपुलिस के अनुसार आरोपियों के खिलाफ धारा 318(4), 317(2), 3(5) BNS एवं धारा 66C, 66D IT Act के तहत वैधानिक कार्रवाई की गई है। बरामद डिजिटल उपकरणों की विस्तृत जांच और बैंक खातों की ट्रांजैक्शन हिस्ट्री के विश्लेषण के आधार पर नेटवर्क से जुड़े अन्य आरोपियों की पहचान की जा रही है।