मॉडल से संन्यासी बनी महाकुंभ वायरल गर्ल हर्षा रिछारिया, नए नाम के साथ आएंगी हरिद्वार कुंभ मेला

मॉडल से संन्यासी बनी महाकुंभ वायरल गर्ल हर्षा रिछारिया, नए नाम के साथ आएंगी हरिद्वार कुंभ मेला

महाकुंभ वायरल गर्ल हर्षा रिछारिया

महाकुंभ 2025 में वायरल साध्वी हर्षा रिछारिया ने रविवार को उज्जैन में विधिवत रूप से संन्यास दीक्षा लेने का दावा किया है। अब वो नए हर्षा रिछारिया से हर्षानंद गिरी महाराज के नाम से जानी जाएगी। उन्होंने मीडिया से बात करते हुए कहा कि तमाम विवादों और आरोपों के बाद उन्होंने ये तय किया है कि वो अपने धर्म के पथ को नहीं छोड़ सकती हैं और इसलिए उन्होंने विधिवत रूप से संन्यास ग्रहण कर लिया है। इससे पहले उन्होंने अपना पिंडदान भी किया। उन्होंने ये भी दावा किया कि वो ऐसा कोई काम नहीं करेंगी जिससे सनातन धर्म और उनका संन्यास जीवन प्रभावित होगा।

हरिद्वार कुंभ और नासिक कुंभ में शिरकत करेंगी हर्षा रिछारिया
वहीं संन्यास दीक्षा लेने के बाद अब वो 2027 में होने जा रहे हरिद्वार कुंभ में शामिल होंगी। माना जा रहा है कि वो शाही स्नान जिसे अब अमृत स्नान कहा जाने लगा है उसमें स्नान भी करेंगी। वहीं दूसरी ओर नासिक कुंभ में भी हर्षा रिछारिया बतौर हर्षानंर गिरी महाराज के तौर पर जाएंगी। फिलहाल उनके संन्यास दीक्षा लेने पर मिलीजुली प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है, कोई उनका समर्थन कर रहा है तो कोई इस पर सवाल भी उठा रहा है।

महाकुंभ वायरल गर्ल हर्षा रिछारिया

मॉडल से संन्यासी बनी महाकुंभ वायरल गर्ल हर्षा रिछारिया, नए नाम के साथ आएंगी हरिद्वार कुंभ मेला
मॉडल से संन्यासी बनी महाकुंभ वायरल गर्ल हर्षा रिछारिया, नए नाम के साथ आएंगी हरिद्वार कुंभ मेला

कौन है हर्षा रिछारिया और क्या करती थी
मध्यप्रदेश के भोपाल की रहने वाली हर्षा रिछारिया मॉडल, एंकर, सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर के तौर पर काम करती थी। महाकुंभ 2025 के दौरान साधु-संतों के साथ हर्षा की भगवा वस्त्रों में तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गईं थी। हर्षा की तस्वीरों के साथ “खूबसूरत साध्वी” ट्रेंड किया, जिससे उनकी लोकप्रियता अचानक बढ़ गई। महाकुंभ वायरल गर्ल हर्षा रिछारिया

मॉडल से संन्यासी बनी महाकुंभ वायरल गर्ल हर्षा रिछारिया, नए नाम के साथ आएंगी हरिद्वार कुंभ मेला
मॉडल से संन्यासी बनी महाकुंभ वायरल गर्ल हर्षा रिछारिया, नए नाम के साथ आएंगी हरिद्वार कुंभ मेला

हालांकि, उनकी पुरानी एंकरिंग और ग्लैमर इंडस्ट्री से जुड़ी तस्वीरे सामने आने के बाद विवाद भी खड़ा हुआ था और कई वरिष्ठ संतों ने उनकी सक्रियता को लेकर सवाल भी उठाए। लेकिन अब उन्होंने उज्जैन के मंगलनाथ स्थित घाट पर मोनी तीर्थ पीठाधीश्वर सुमनाजी महाराज से दीक्षा लेकर संन्यास ले लिया। अब वो विधिवत रूप से साध्वी बन गई हैं।