मिट्टी की सेहत सुधारने के गुर सीखेंगे किसान, कम लागत में जैविक खेती को मिलेगा बढ़ावा

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पिरान कलियर । कोटा मुरादनगर स्थित जोत ऋषि ऑर्गेनिक फार्म में किसानों को मिट्टी की सेहत सुधारने और कम लागत में लाभकारी खेती करने के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से ”मिट्टी की सेहत और फायदे की खेती” विषय पर कार्यशाला का आयोजन किया गया।

कार्यशाला में किसान प्रशिक्षक एवं किसान कार्यशाला के संस्थापक राहुल जवान ने किसानों को मिट्टी की गुणवत्ता सुधारने के सरल तरीके बताए। साथ ही जैविक खाद और जैविक कीटनाशक तैयार करने का डेमोंस्ट्रेशन भी दिया।राहुल जवान ने बताया कि किसान अपने खेतों में ही कम खर्च पर जैविक खाद और जैविक कीटनाशक तैयार कर सकते हैं। इनके इस्तेमाल से रासायनिक उत्पादों पर निर्भरता कम करने के साथ मिट्टी में जैविक कार्बन और लाभकारी सूक्ष्मजीवों की संख्या बढ़ाई जा सकती है। इससे मिट्टी की उर्वरता बनाए रखने में मदद मिलती है।

उन्होंने कहा कि जैविक खेती से तैयार उत्पाद मिट्टी की सेहत के साथ मानव स्वास्थ्य और पर्यावरण के लिए भी उपयोगी हैं।उन्होंने किसानों को संगठित होकर खेती करने के लिए भी प्रेरित किया। कहा कि किसान समूह बनाकर अपनी उपज का विपणन करें तो उन्हें बाजार में बेहतर दाम मिल सकते हैं। इससे किसानों के बीच आपसी सहयोग भी बढ़ेगा और खेती को अधिक लाभकारी बनाया जा सकेगा।

कार्यशाला में करीब 110 किसानों ने प्रतिभाग किया। इनमें बड़ी संख्या में महिला किसान और कृषि कॉलेज के छात्र भी शामिल रहे। कार्यक्रम का आयोजन देहरादून स्थित संस्था पीएसआई की ओर से भारत सरकार द्वारा प्रायोजित परियोजना के अंतर्गत किया गया।

कार्यक्रम के संयोजक वैज्ञानिक डॉ. विकास गोयल रहे।इस दौरान डॉ. इकबाल अहमद, कुलदीप उनियाल, भूपेंद्र, मौ. तासिफ, उपलक्ष और जोत ऋषि फार्म के संस्थापक योगेश गोयल का विशेष सहयोग रहा। कार्यशाला की वीडियो राहुल जवान द्वारा स्थापित ”किसान कार्यशाला” नामक यूट्यूब चैनल पर भी उपलब्ध रहेगी।