अतीक साबरी:-
पिरान कलियर/रुड़की: दहेज रूपी दानव ने एक और हंसते-खेलते परिवार की शांति भंग कर दी है। पिरान कलियर थाना क्षेत्र में एक रूह कंपा देने वाला मामला सामने आया है, जहाँ एक गर्भवती महिला को न केवल दहेज के लिए प्रताड़ित किया गया, बल्कि उसके कोख में पल रहे पांच माह के मासूम को खत्म करने की भी कोशिश की गई। पुलिस ने पीड़िता की तहरीर पर पति समेत ससुराल पक्ष के आठ लोगों के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है।
जानकारी के अनुसार, पिरान कलियर क्षेत्र की रहने वाली युवती का विवाह 20 फरवरी 2025 को रुड़की के मंगल विहार निवासी मनीष के साथ हुआ था। परिजनों ने अपनी सामर्थ्य के अनुसार बाइक और नकदी देकर बेटी को विदा किया था, लेकिन लालची ससुराल वालों की भूख इससे शांत नहीं हुई। आरोप है कि शादी के कुछ ही समय बाद पति मनीष, सास रेखा, ससुर धीर सिंह और अन्य परिजनों ने अतिरिक्त दहेज की मांग को लेकर पीड़िता का मानसिक और शारीरिक शोषण शुरू कर दिया। हद तो तब हो गई जब समझौते के नाम पर छह माह बाद मायके वालों ने ‘स्कॉर्पियो’ कार भी दे दी, मगर ससुराल पक्ष की प्रताड़ना कम होने के बजाय और बढ़ गई। मामला तब और गंभीर हो गया जब महिला गर्भवती हुई।
पीड़िता का आरोप है कि उसके पांच माह की गर्भवती होने पर ससुराल वाले बच्चे को गिराने का दबाव बनाने लगे। पति ने जबरन गर्भपात की दवाइयां खिलाने की कोशिश की और इनकार करने पर बेरहमी से मारपीट की गई।
हद पार तब हुई जब अल्ट्रासाउंड में गर्भ की पुष्टि होने पर ससुराल वालों ने उसे जान से मारने और गर्भ को नुकसान पहुंचाने की धमकी दी। बीते 10 जनवरी को जब पीड़िता के परिजन मामला सुलझाने पहुंचे, तो उनके साथ भी मारपीट कर उन्हें घर से धक्के देकर निकाल दिया गया।
थानाध्यक्ष रविंद्र कुमार ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए पति मनीष, ससुर धीर सिंह, सास रेखा, देवर अक्षय, ननद नेहा, नीरज, संदीप और निशांत के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस अब साक्ष्यों के आधार पर गिरफ्तारी और आगे की कानूनी कार्रवाई में जुट गई है।