News 129:-पिरान कलियर।
दरगाह साबिर पाक के बाहरी गेट स्थित अजमेरी बाजार में बीती रात चार-पांच दुकानों में संदिग्ध परिस्थितियों में आग लगने की घटना ने मेले की व्यवस्थाओं और बाजार में किए गए अतिक्रमण की पोल खोलकर रख दी। आग लगने के कारणों का अभी तक स्पष्ट पता नहीं चल पाया है, लेकिन घटना के दौरान जिस तरह अग्निशमन वाहन को बाजार के अंदर पहुंचने में परेशानी हुई, उसने प्रशासन की तैयारियों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

बताया जा रहा है कि अजमेरी बाजार में कई दुकानदारों ने दुकानों को पन्नियों और तिरपाल से पूरी तरह ढक रखा है। इसके अलावा दुकानों को सड़क की ओर बढ़ाकर अतिक्रमण किया गया है, जिससे बाजार का रास्ता काफी संकरा हो गया है। आग की सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड मौके पर पहुंची, लेकिन अतिक्रमण और जगह-जगह बंधे पन्नों के कारण अग्निशमन वाहन को अंदर ले जाने में भारी मशक्कत करनी पड़ी। कई स्थानों पर पन्ने हटाने के बाद ही फायर ब्रिगेड को घटनास्थल तक पहुंचाया जा सका।
आग की चपेट में आई दुकानों में उर्स के मद्देनजर बड़ी मात्रा में मेला सामग्री भरी हुई थी। आग से चार दुकानों के जलकर राख होने की बात सामने आ रही है और दुकानदारों को लाखों रुपये के नुकसान का अनुमान है। घटना के दौरान कोतवाली प्रभारी कमल मोहन भंडारी अपनी टीम के साथ तत्काल मौके पर पहुंचे और फायर ब्रिगेड को बुलाकर आग पर काबू पाने की कार्रवाई कराई।
पहले से नहीं हटाया गया अतिक्रमण, अब उठ रहे सवाल दरगाह साबिर पाक का 758वां सालाना उर्स शुरू हो चुका है और बड़ी संख्या में जायरीन बाजार में पहुंच रहे हैं। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यह है कि मेले से पहले बाजार का निरीक्षण कर सड़क पर किए गए अतिक्रमण और दुकानों के बाहर लटके पन्ने-तिरपाल क्यों नहीं हटाए गए। अगर समय रहते रास्तों को अतिक्रमण मुक्त कराया जाता और आग बुझाने वाले वाहनों के लिए पर्याप्त जगह सुनिश्चित की जाती, तो आपात स्थिति में फायर ब्रिगेड को इतनी परेशानी का सामना नहीं करना पड़ता।
घटना के बाद स्थानीय लोगों और दुकानदारों के बीच भी प्रशासन की व्यवस्थाओं को लेकर चर्चा तेज हो गई है। सवाल उठ रहा है कि बाजार में फैले पन्नों और तिरपालों के जाल के साथ-साथ सड़क पर किए गए अतिक्रमण पर आखिर जिम्मेदारी किसकी है।अब देखने वाली बात होगी कि बीती रात की घटना से मेला प्रशासन और दरगाह प्रशासन क्या सबक लेता है और बाजार में अतिक्रमण, पन्नों-तिरपालों तथा आपातकालीन रास्तों को लेकर क्या ठोस कार्रवाई की जाती है।
आग की घटना ने साफ कर दिया है कि भीड़भाड़ वाले मेले में अतिक्रमण केवल यातायात की समस्या नहीं, बल्कि किसी बड़े हादसे की स्थिति में जान-माल के लिए गंभीर खतरा भी बन सकता है।