मेहंदी डोरी की रस्म में पुलिस की रणनीति ने दिखाया दम, हजारों जायरीन रहे बेफिक्र

अतीक साबरी:-

पिरान कलियर। साबिर पाक के सालाना उर्स की मेहंदी डोरी की रस्म में इस बार पुलिस प्रशासन की बेहतर रणनीति और मजबूत मैदानी व्यवस्था का असर साफ दिखाई दिया। हजारों की संख्या में पहुंचे जायरीनों के बीच भीड़ का दबाव बढ़ने के बावजूद पुलिस ने स्थिति को पूरी सूझबूझ से संभाले रखा और मेहंदी डोरी की रस्म शांतिपूर्ण एवं सकुशल संपन्न कराई।

इस पूरी व्यवस्था में भगवानपुर सीओ सुमित पांडे और मेला कोतवाली पिरान कलियर प्रभारी कमल मोहन भंडारी की रणनीति सबसे अहम कड़ी रही। दोनों अधिकारियों ने भीड़ की संभावित स्थिति को पहले से ध्यान में रखते हुए पुलिस टीमों को अलग-अलग प्वाइंटों पर जिम्मेदारी सौंपकर लगातार निगरानी बनाए रखी।

पहले उमड़ती भीड़ में बनते थे अफरा-तफरी के हालात, इस बार पुलिस ने बदली तस्वीर:-

मेहंदी डोरी की रस्म के दौरान बड़ी संख्या में जायरीन एक साथ कलियर पहुंचते हैं। ऐसे में भीड़ का दबाव बढ़ने, यातायात प्रभावित होने और भगदड़ जैसी स्थिति पैदा होने की आशंका बनी रहती है। इस बार पुलिस ने पहले से ही ऐसी परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए रणनीति तैयार की।सीओ सुमित पांडे के निर्देशन और मेला कोतवाली प्रभारी कमल मोहन भंडारी की जमीनी निगरानी में पुलिस ने भीड़ को छोटे-छोटे हिस्सों में नियंत्रित करते हुए श्रद्धालुओं की आवाजाही को व्यवस्थित रखा। जिन स्थानों पर भीड़ का दबाव बढ़ा, वहां तत्काल पुलिसकर्मियों को सक्रिय किया गया।यातायात व्यवस्था पर भी विशेष फोकस रखा गया। भीड़ के कारण जाम की स्थिति बनने पर पुलिस ने मौके पर पहुंचकर रास्तों को सुचारु कराया। इससे वाहनों की आवाजाही के साथ जायरीनों की पैदल आवाजाही भी प्रभावित नहीं हुई।

कमल मोहन भंडारी की सूझबूझ बनी व्यवस्था की मजबूत कड़ी

मेला कोतवाली पिरान कलियर प्रभारी कमल मोहन भंडारी पूरे आयोजन के दौरान पुलिस टीमों के साथ लगातार संपर्क में रहे। भीड़ का दबाव कहां बढ़ रहा है और किस स्थान पर अतिरिक्त पुलिस बल की जरूरत है, इस पर लगातार नजर रखी गई।उनकी रणनीति का नतीजा रहा कि हजारों जायरीनों की भीड़ के बावजूद स्थिति नियंत्रण से बाहर नहीं हुई। पुलिस ने सख्ती के बजाय संयम और समझदारी के साथ भीड़ को आगे बढ़ाया, जिससे श्रद्धालुओं को किसी बड़ी परेशानी का सामना नहीं करना पड़ा।

सीओ सुमित पांडे की मॉनिटरिंग ने मजबूत किया सुरक्षा घेरा भगवानपुर सीओ सुमित पांडे ने भी पूरे सुरक्षा प्लान की लगातार मॉनिटरिंग की। उन्होंने पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को भीड़ नियंत्रण, यातायात संचालन और सुरक्षा को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।सीओ सुमित पांडे ने कहा कि मेहंदी डोरी की रस्म में बड़ी संख्या में जायरीनों के पहुंचने की संभावना पहले से थी। पुलिस ने उसी के अनुसार सुरक्षा और यातायात की रणनीति तैयार की थी। हमारा प्रयास रहा कि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो और रस्म शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हो। आगामी रस्मों में भीड़ और बढ़ सकती है, इसलिए व्यवस्था को और मजबूत किया जाएगा।

राजेश बिष्ट और पुलिस टीम का भी रहा अहम सहयोगव्यवस्था को धरातल पर सफल बनाने में वरिष्ठ उपनिरीक्षक राजेश बिष्ट सहित पुलिस टीम का भी महत्वपूर्ण सहयोग रहा। अधिकारियों के निर्देश पर पुलिसकर्मियों ने अलग-अलग स्थानों पर तैनात रहकर भीड़ की गतिविधियों पर नजर रखी और आवश्यकता पड़ने पर तत्काल कार्रवाई की।

जायरीनों ने कहा—इस बार व्यवस्था में दिखी अलग तैयारी मेहंदी डोरी की रस्म में पहुंचे जायरीनों और स्थानीय लोगों ने भी पुलिस व्यवस्था की सराहना की। लोगों का कहना था कि इतनी बड़ी भीड़ के बावजूद पुलिस ने जिस तरह धैर्य और सूझबूझ से व्यवस्था संभाली, उससे श्रद्धालु काफी हद तक बेफिक्र नजर आए।कुल मिलाकर इस बार मेहंदी डोरी की रस्म में सीओ सुमित पांडे की मॉनिटरिंग और मेला कोतवाली प्रभारी कमल मोहन भंडारी की मैदानी रणनीति ने पुलिस व्यवस्था को मजबूत आधार दिया। भीड़ नियंत्रण से लेकर यातायात और सुरक्षा तक पुलिस की सक्रियता के कारण रस्म शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई।

अब उर्स की आगामी रस्मों में भी बड़ी संख्या में जायरीनों के पहुंचने की संभावना है। ऐसे में पुलिस प्रशासन की अगली चुनौती भीड़ को इसी तरह नियंत्रित रखते हुए श्रद्धालुओं को सुरक्षित और सुगम माहौल उपलब्ध कराना होगी।

मेहंदी डोरी की रस्म में मिली सफलता के बाद पुलिस अधिकारियों का फोकस अब आगे की रस्मों में और बेहतर प्लानिंग, अतिरिक्त निगरानी और मजबूत भीड़ नियंत्रण व्यवस्था पर रहेगा।