Haridwar Murder News
हरिद्वार। लक्सर कोतवाली पुलिस ने शिवपुरी रायसी निवासी अंकित चौहान की गुमशुदगी के मामले का खुलासा करते हुए कथित ब्लाइंड मर्डर की गुत्थी सुलझा ली है। पुलिस के मुताबिक अंकित की हत्या कारोबार और पुरानी रंजिश के चलते की गई थी। हत्या के बाद आरोपितों ने शव को उसकी मोटरसाइकिल के साथ बांधकर गंगा नदी में डुबो दिया था। पुलिस और एसडीआरएफ की टीम ने गोताखोरों की मदद से गंगा से मृतक का शव और मोटरसाइकिल बरामद कर ली है।
2-3 अगस्त की रात अचानक गायब हुआ था अंकित
पुलिस के अनुसार, 2-3 अगस्त 2026 की रात शिवपुरी रायसी निवासी अंकित चौहान मोटरसाइकिल से अपने घर लौट रहा था। रास्ते में वह अचानक लापता हो गया और उसका मोबाइल फोन भी बंद हो गया। काफी तलाश के बाद भी जब अंकित का पता नहीं चला तो परिजनों ने कोतवाली लक्सर में उसकी गुमशुदगी दर्ज कराई।
मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक हरिद्वार के निर्देश पर प्रभारी निरीक्षक के नेतृत्व में पुलिस टीम गठित की गई। टीम ने मामले की जांच के दौरान आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली, मोबाइल टावरों की कॉल डिटेल और अन्य तकनीकी साक्ष्यों का विश्लेषण किया। इसके साथ ही पुलिस ने मैनुअल पुलिसिंग के जरिए मृतक के परिचितों और उसके संबंधों के बारे में जानकारी जुटाई।
गांव के ही चार लोगों से सामने आई पुरानी रंजिश
जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि अंकित चौहान की अपने ही गांव के रहने वाले सचिन, मेहकार, कुलवंत और अंकित उर्फ फौजी से पिछले कुछ समय से रंजिश चल रही थी। इसके बाद पुलिस ने चारों से पूछताछ की और मामले में आगे की कार्रवाई शुरू की।
पुलिस का दावा है कि पूछताछ के दौरान आरोपितों ने अंकित की हत्या करने की बात स्वीकार की। आरोपितों के मुताबिक, अंकित उन्हें लगातार परेशान कर रहा था और ट्रैक्टर-ट्रॉली से होने वाले खनन की पुलिस को मुखबिरी करता था। पुलिस के अनुसार, आरोपितों ने बताया कि उनकी मुखबिरी के चलते उन्हें कई बार पकड़ा गया और आर्थिक नुकसान हुआ।
रास्ते में रोककर की हत्या, बाइक के साथ बांधा शव

पुलिस के मुताबिक, इसी रंजिश के चलते चारों आरोपितों ने अंकित को रास्ते से हटाने की योजना बनाई। 2 अगस्त की रात जब अंकित मोटरसाइकिल से अपने घर लौट रहा था, तब आरोपितों ने कथित तौर पर रास्ते में उसे रोक लिया और उसकी हत्या कर दी।
हत्या के बाद शव को उसकी मोटरसाइकिल के साथ बांधकर शिवपुरी गांव के पास स्थित खुसरो की ठोकर से गंगा नदी में डुबो दिया गया, ताकि शव और वारदात से जुड़े साक्ष्य छिपाए जा सकें।
एसडीआरएफ के गोताखोरों ने गंगा से बरामद किया शव
आरोपितों से पूछताछ के बाद पुलिस टीम उन्हें उनके बताए स्थान पर लेकर पहुंची। इसके बाद गंगा नदी में तलाशी के लिए एसडीआरएफ की टीम को गोताखोरों के साथ मौके पर बुलाया गया।
एसडीआरएफ के गोताखोरों ने काफी प्रयास के बाद गंगा में डूबी मृतक की मोटरसाइकिल और शव बरामद कर लिया। बरामदगी के आधार पर पुलिस ने दर्ज मुकदमे में धारा 103, 238 और 61(2) BNS की बढ़ोतरी की है।
मुख्य आरोपित पहले भी जा चुका है जेल
पुलिस के अनुसार, मामले का मुख्य आरोपित अंकित चौहान उर्फ फौजी पूर्व में भी थाना खानपुर से जुड़े एक हत्या के मामले में जेल जा चुका है। पुलिस अब सभी आरोपितों के खिलाफ अग्रिम वैधानिक कार्रवाई कर रही है।
चारों आरोपित गिरफ्तार
पुलिस के मुताबिक मामले में गिरफ्तार आरोपितों की पहचान इस प्रकार हुई है—
- सचिन पुत्र पवन, निवासी शिवपुरी रायसी, हरिद्वार
- मेहकार पुत्र पवन, निवासी शिवपुरी रायसी, हरिद्वार
- कुलवंत पुत्र कल्लू, निवासी शिवपुरी रायसी, हरिद्वार
- अंकित चौहान उर्फ फौजी पुत्र सुरेश पाल, निवासी शिवपुरी रायसी, हरिद्वार
ये सामान हुआ बरामद
- मृतक अंकित चौहान का शव
- मृतक की मोटरसाइकिल
पुलिस टीम ने ऐसे किया खुलासा
इस कार्रवाई में प्रभारी निरीक्षक प्रवीण कोश्यारी, SSI नितिन चौहान, चौकी प्रभारी रायसी राजीव उनियाल, चौकी प्रभारी भीकमपुर यशवीर नेगी के साथ कांस्टेबल अरविंद, ध्वजवीर, हिमांशु चौधरी, मुकेश, अनूप पोखरियाल, सुरेश तथा हेड कांस्टेबल महेंद्र सिंह और हेड कांस्टेबल रविंद्र शामिल रहे।
पुलिस का कहना है कि मामले में तकनीकी साक्ष्यों, सीसीटीवी फुटेज, कॉल डिटेल और मैनुअल पुलिसिंग को आधार बनाकर जांच को आगे बढ़ाया गया, जिसके बाद गुमशुदगी के मामले से हत्या का राज सामने आया। अब पुलिस आरोपितों के खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई कर रही है।