हरिद्वार। कांवड़ मेला-2026 के दौरान उत्तराखंड के मुख्यमंत्री ने नगर निगम हरिद्वार द्वारा विकसित आधुनिक एवं पर्यावरण अनुकूल स्वच्छता व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने तकनीक आधारित कचरा प्रबंधन, घाटों की आधुनिक सफाई व्यवस्था तथा प्लास्टिक मुक्त कांवड़ यात्रा के लिए किए जा रहे नवाचारों की जानकारी ली।
मुख्यमंत्री ने नगर निगम द्वारा विकसित स्मार्ट सोलर सेंसर कॉम्पैक्ट बिन का अवलोकन किया। सेंसर आधारित ढक्कन, स्वचालित कचरा कॉम्पैक्शन और सौर ऊर्जा से संचालित यह स्मार्ट बिन कांवड़ मेले में सफल ट्रायल के रूप में उपयोग किया जा रहा है, जिसे भविष्य में शहरभर में विस्तारित करने की योजना है।
उन्होंने गंगा घाटों की सफाई के लिए तैनात आधुनिक स्क्रबर एवं ऑटोमैटिक स्वीपिंग मशीनों का भी निरीक्षण किया। इन मशीनों के माध्यम से घाटों की तेज, प्रभावी और उच्च गुणवत्ता वाली सफाई सुनिश्चित की जा रही है, जिससे श्रद्धालुओं को स्वच्छ एवं सुरक्षित वातावरण मिल रहा है।
निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री को घाटों पर छोड़े गए वस्त्रों के पुनर्चक्रण मॉडल की भी जानकारी दी गई। नगर निगम इन वस्त्रों का पृथक संग्रह कर उन्हें एमआरएफ सेंटर भेज रहा है, जहां उन्हें उपयोगी कॉटन फाइबर में परिवर्तित किया जा रहा है। यह पहल पर्यावरण संरक्षण और संसाधनों के पुनः उपयोग की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
मुख्यमंत्री ने घाटों पर तैनात स्वच्छता दूतों द्वारा चलाए जा रहे जनजागरूकता अभियान का भी अवलोकन किया। स्वच्छता दूत श्रद्धालुओं को कचरा पृथक्करण, स्वच्छता और प्लास्टिक मुक्त वातावरण के प्रति जागरूक कर रहे हैं।
इसके साथ ही कांवड़ मार्ग पर स्थापित ग्रीन चौकियों का निरीक्षण करते हुए मुख्यमंत्री ने सिंगल यूज़ प्लास्टिक के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान की जानकारी ली। इन चौकियों के माध्यम से श्रद्धालुओं को कम्पोस्टेबल बैग अपनाने और पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया जा रहा है।
नगर निगम हरिद्वार की इन तकनीक आधारित और पर्यावरण अनुकूल पहलों का उद्देश्य कांवड़ मेला-2026 को स्वच्छ, सुरक्षित, हरित और सुव्यवस्थित बनाना है।