अतीक साबरी:-
पिरान कलियर। दरगाह अब्दाल शाह में हजरत शाह मंजर ऐजाज साबरी कुद्दूसी उर्फ शिम्मी मियां का 11वां सालाना उर्स मुबारक बड़े ही अदब, एहतराम और अकीदत के साथ मनाया गया। उर्स के मौके पर देश के विभिन्न राज्यों से पहुंचे सैकड़ों जायरीन और अकीदतमंदों ने मजार शरीफ पर चादरें और फूल पेश कर फातिहा पढ़ी तथा दुआएं मांगीं।
चादरपोशी और कुल शरीफ की रस्में हुईं अदा:-उर्स के अवसर पर बाद नमाज-ए-असर चादरपोशी, कुल शरीफ और दुआ की रस्में अदा की गईं। दरगाह साबिर पाक के सज्जादानशीन शाह अली ऐजाज साबरी कुद्दूसी और साहिबजादा शाह यावर अली ऐजाज साबरी की सरपरस्ती में अकीदतमंदों का बड़ा काफिला दरगाह साबिर पाक पहुंचा, जहां चादर और फूल पेश कर फातिहा पढ़ी गई। इसके बाद सभी जायरीन दरगाह अब्दाल शाह पहुंचे और हजरत शाह मंजर ऐजाज साबरी उर्फ शिम्मी मियां की मजार शरीफ पर चादरपोशी कर अपनी अकीदत का इजहार किया।
अमन, भाईचारे और खुशहाली के लिए मांगी दुआ:-कुल शरीफ की रस्म के दौरान देश में अमन-चैन, भाईचारे, खुशहाली और एकता कायम रहने की विशेष दुआ की गई। उर्स में शामिल अकीदतमंदों ने मुल्क की तरक्की और इंसानियत की भलाई के लिए भी हाथ उठाकर दुआएं मांगीं।
लंगर और महफिल-ए-समा में उमड़ी भीड़:-नमाज-ए-मगरिब के बाद लंगर का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में जायरीन ने शिरकत कर तबर्रुक हासिल किया। वहीं बाद नमाज-ए-इशा महफिल-ए-समा (कव्वाली) का आयोजन हुआ।
कव्वालों ने सूफियाना कलाम पेश कर महफिल को रूहानी रंग में रंग दिया। देर रात तक चली महफिल के साथ उर्स की रस्में संपन्न हुईं।कई राज्यों से पहुंचे अकीदतमंदउर्स में पंजाब, गुजरात के सूरत, चंडीगढ़, बरेली, रामपुर, मुरादाबाद समेत विभिन्न शहरों और राज्यों से बड़ी संख्या में अकीदतमंद शामिल हुए।
इस दौरान सज्जादानशीन रदोली शरीफ नायर मियां, मिस्सी शाह बाबा, सूफियाना बाबा, शाह सुहैल मियां, सूफी राशिद, डैनी, गाजी मियां, बिन्नी, सफीक साबरी, राजू बाबा अमृतसर, असद सहित अनेक गणमान्य लोग मौजूद रहे।