एनएसजी:-न्यूज
पिरान कलियर। विश्व प्रसिद्ध दरगाह पिरान कलियर में इन दिनों कुछ शरारती तत्वों द्वारा अपने निजी स्वार्थ और आपसी रंजिश के चलते माहौल खराब करने की साजिश रची जा रही है। ताज़ा मामले में हाफिज रफी नामक व्यक्ति को ढाल बनाकर उन्हें बदनाम करने का एक सुनियोजित षड्यंत्र सामने आया है। स्थानीय लोगों का साफ कहना है कि हाफिज रफी एक बेहद सरल और शांत स्वभाव के व्यक्ति हैं, जिनका किसी भी प्रकार के विवाद या गुटबाजी से कोई वास्ता नहीं है, इसके बावजूद कुछ लोग अपने निजी फायदों के लिए उन्हें लगातार टारगेट कर रहे हैं। क्षेत्र में चर्चा है कि कुछ लोग हाफिज रफी के इसी शांत स्वभाव से चिढ़कर उनके खिलाफ साजिशें बुन रहे हैं और शासन-प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों को झूठे व तथ्यहीन शिकायती पत्र भेजकर लगातार गुमराह कर रहे हैं। जानकारों का कहना है कि इन शिकायतों के पीछे कोई ठोस आधार नहीं है, बल्कि केवल व्यक्तिगत द्वेष ही मुख्य कारण है।
सवाल यह खड़ा हो रहा है कि दरगाह क्षेत्र में व्याप्त असली समस्याओं और वास्तविक अवैध कब्जों से ध्यान भटकाने के लिए आखिर यह प्रपंच क्यों रचा जा रहा है स्थानीय सूत्रों के अनुसार, दरगाह साबिर पाक के मुख्य परिसर की तीनों सिधरिया पर लंबे समय से रसूखदारों का कब्जा है और दरगाह के अहाते की ओर स्थित लगभग सभी सीधरियो को रिहायशी ठिकानों में तब्दील कर दिया गया है, जहाँ लोग सपरिवार रह रहे हैं। हैरानी की बात यह है कि इन वास्तविक और बड़े कब्जों पर चुप्पी साधकर, केवल एक व्यक्ति को बदनाम करने के लिए सोशल मीडिया और प्रशासनिक गलियारों में भ्रामक खबरें फैलाई जा रही हैं। जनता अब खुलकर मांग कर रही है कि प्रशासन ऐसे षड्यंत्रकारियों की पहचान करे और उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई करे।
इस पूरे मामले में एक और बड़ा खुलासा हुआ है कि पूर्व दरगाह प्रबंधक के कार्यकाल में एक दरगाह कर्मी जो पूर्व दरगाह प्रबंधक के बहुत करीबी था तथा अपने लाभ के लिए प्रबन्धक को गुमराह करता था, उक्त कर्मी द्वारा दरगाह की समस्त ख़िदमत को अपने अनुसार किया जाता था ,सभी नियम कानून को ताक मे रखकर दरग़ाह की सेवाओं में प्रयोग होने वाली सामग्री को कार्यालय में न रखकर अपने घर रखी जाती थी तथा वही से सेवा के लिए दी जाती थी ।
सूत्रों की माने तो उक्त कर्मी द्वारा ही भविष्य में अपने हितों को साधने के लिए इस प्रकार का षडयंत्र और शिकायतों को अंजाम दिया जा रहा है। उक्त कर्मी द्वारा ही इस प्रकार की साज़िश को अंजाम देकर दरग़ाह प्रबन्धन के उच्च अधिकारियों को गुमराह किया जा रहा है ।जनता ने मांग की है कि ऐसें व्यक्तियों को चिन्हित कर जांच कर इनके विरुद्ध कड़ी कार्यवाही की जानी चाहिए।
पिरान कलियर की जनता को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, जिलाधिकारी मयूर दीक्षित और रुड़की के ज्वाइंट मजिस्ट्रेट दीपक रामचंद्र सेठ की निष्पक्षता पर पूरा भरोसा है। लोगों का कहना है कि उच्च अधिकारी किसी भी एकतरफा शिकायत पर कार्रवाई करने के बजाय जमीनी हकीकत की जांच करेंगे। यदि दरगाह को अवैध कब्जों से मुक्त करना है, तो यह अभियान बिना किसी भेदभाव के हर उस जगह चलना चाहिए जहाँ अवैध निर्माण है। जनता ने साफ कर दिया है कि किसी भी निर्दोष व्यक्ति का उत्पीड़न बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और निजी रंजिश के चलते अधिकारियों का समय बर्बाद करने वाले तत्वों का पर्दाफाश होना अब तय है।
