अतीक साबरी:-
हरिद्वार: कोर्ट को गुमराह कर फर्जी दस्तावेजों के आधार पर अपराधियों की जमानत कराने वाले एक शातिर गैंग का सिडकुल पुलिस ने पूरी तरह से भंडाफोड़ कर दिया है। थाना प्रभारी निरीक्षक नितेश शर्मा के नेतृत्व में पुलिस टीम ने गैंग के मास्टरमाइंड सरफराज और उसके एक अन्य साथी सतीश को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। इस गैंग के तीन सदस्यों को पुलिस पहले ही सलाखों के पीछे भेज चुकी है।न्यायालय के साथ धोखाधड़ी का खेलमामला तब सामने आया जब CJM कोर्ट रोशनाबाद में कुछ जमानतियों द्वारा झूठे शपथ पत्र और संदिग्ध दस्तावेज पेश किए गए।
थाना प्रभारी नितेश शर्मा ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जब बारीकी से तफ्तीश शुरू की, तो एक के बाद एक चौंकाने वाले खुलासे हुए। 23 मार्च को पुलिस ने कमलेश, उज्ज्वल और नरेश को गिरफ्तार कर जेल भेजा था, जिसके बाद से ही पुलिस इस रैकेट के असली आका की तलाश में थी।
ऐसे काम करता था मास्टरमाइंड सरफराज-आज 26 मार्च को पुलिस ने गैंग के सरगना सरफराज और सतीश को दबोच लिया। जाँच में सामने आया कि सरफराज “दस्तावेजों का घोलमोल” करने में माहिर है। उसने सतीश के साथ मिलकर कोर्ट में चल रहे एक मुकदमे (शैलेंद्र बनाम साक्षी) में साक्षी तिवारी की जमानत कराई थी। इसमें चौंकाने वाली बात यह रही कि जमानत के लिए जिस जमीन के कागजात लगाए गए थे, वे सतीश नाम के ही किसी दूसरे व्यक्ति के थे।
असली मालिक को भनक तक नहीं थी कि उसकी जमीन की फर्द का इस्तेमाल किसी अपराधी को छुड़ाने में किया जा रहा है।
बरामदगी और कार्रवाई-पुलिस ने मुख्य आरोपी सरफराज के कब्जे से कई संदिग्ध दस्तावेज और पहले जेल भेजे गए आरोपियों के मोबाइल फोन भी बरामद किए हैं।
थाना प्रभारी नितेश शर्मा ने बताया कि यह गैंग नाम की समानता का फायदा उठाकर और फर्जी शपथ पत्र देकर कानून की आंखों में धूल झोंक रहा था।गिरफ्तार आरोपियों का विवरण:सरफराज (मास्टरमाइंड), निवासी: मोहल्ला चौहनान, ज्वालापुर।सतीश, निवासी: ग्राम बहादुरपुर, थाना पथरी।
थाना प्रभारी नितेश शर्मा ने स्पष्ट किया कि कोर्ट की गरिमा से खिलवाड़ करने वाले किसी भी अपराधी को बख्शा नहीं जाएगा। फिलहाल दोनों आरोपियों को कोर्ट में पेश कर जेल भेजने की विधिक कार्रवाई की जा रही है।