उत्तराखण्ड के नए मंत्री: धन सिंह रावत को झटका, मदन को भी मिली मायूसी, सुबोध बने ताकतवर

उत्तराखण्ड के नए मंत्री: धन सिंह रावत को झटका, मदन को भी मिली मायूसी, सुबोध बने ताकतवर

उत्तराखण्ड के नए मंत्री धामी सरकार के नए कैबिनेट विस्तार में मंत्री धन सिंह रावत को झटका लगा है। वहीं सीनियर होने के बावजूद मदन कौशिक को भी अच्छे मंत्रालय नहीं मिल पाए हैं। इससे उनके समर्थकों में मायूसी है। वहीं गणेश जोशी से भी कुछ मंत्रालय हटाए गए हैं। जबकि वित्त वाणिज्य जैसे विभाग सीएम पुष्कर सिंह धामी ने अभी भी अपने पास रखे हैं। इधर, सबसे नए विस्तार में सुबोध उनियाल सबसे ताकतवर बनकर उभरे हैं। स्वास्थ्य मंत्रालय का जिम्मा अब सुबोध उनियाल संभालेंगे।

धन सिंह रावत का डिमोशन
सरकार में सीएम के बाद सबसे मजबूत मंत्री माने जाने वाले धन सिंह रावत से सीएम पुष्कर सिंह धामी ने स्वास्थ्य मंत्रालय और मेडिकल शिक्षा ले लिया है। हालांकि उनके पास तकनीकी शिक्षा जोडा गया है। लेकिन जानकार बताते हैं कि सीधे जनता से जुड़ा स्वास्थ्य मंत्रालय हटने से धन सिंह रावत को झटका लगा है। सोशल मीडिया पर ये उनके डिमोशन की तरह देखा जा रहा है।

उत्तराखण्ड के नए मंत्री: धन सिंह रावत को झटका, मदन को भी मिली मायूसी, सुबोध बने ताकतवर
उत्तराखण्ड के नए मंत्री: धन सिंह रावत को झटका, मदन को भी मिली मायूसी, सुबोध बने ताकतवर

मदन कौशिक को ​हाथ लगी मायूसी
वहीं हरिद्वार से पांच बार के विधायक मदन कौशिक को मंत्री जरुर बनाया गया लेकिन उनको बहुत हल्के मंत्रालय दिए गए हैं। उनके अनुभव और कुंभ को देखते हुए ये पर माना जा रहा था कि उन्हें शहरी विकास या आवास जैसे मंत्रालय मिलेंगे। लेकिन उन्हें पंचायती राज, आयुष, जनगणना और आपदा प्रबंधन का जिम्मा सौंपा गया है। इससे उनके समर्थकों में मायूसी है।

नए मंत्रियों को क्या मिला
तकनीकी शिक्षा उनसे लेकर डॉ धन सिंह रावत को दी गई है और भाषा खजान दास को थमाया है। खजान दास को इसके अलावा समाज कल्याण, अल्पसंख्यक कल्याण और छात्र कल्याण विभाग दिए गए हैं। भरत सिंह चौधरी को ग्राम्य विकास, एमएसएमई और खादी एवं ग्रामोद्योग विभाग दिए गए हैं।
मदन कौशिक को पंचायती राज, आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास, आयुष एवं आयुष शिक्षा, पुनर्गठन एवं जनगणना विभाग दिए गए हैं। प्रदीप बत्रा को परिवहन, आईटी एवं सुराज, विज्ञान प्रौद्योगिकी और जैव प्रौद्योगिकी विभाग मिले हैं। राम सिंह कैड़ा को शहरी विकास, पर्यावरण संरक्षण एवं जलवायु परिवर्तन, जलागम प्रबंधन विभाग मिले हैं।