हरिद्वार होमगार्ड भर्ती में फर्जीवाड़ा: 30 अभ्यर्थियों के दस्तावेज फर्जी मिले, स्काउट-स्पोर्ट्स सर्टिफिकेट में सबसे ज्यादा खेल

227 पदों के लिए आए थे करीब 11 हजार आवेदन, मेरिट के आधार पर 250 अभ्यर्थी हुए थे शॉर्टलिस्ट; दस्तावेजों की जांच अभी जारी

हरिद्वार होमगार्ड भर्ती में फर्जीवाड़ा होमगार्ड भर्ती प्रक्रिया में दस्तावेजों की जांच के दौरान बड़ा खुलासा हुआ है। भर्ती के लिए शॉर्टलिस्ट किए गए अभ्यर्थियों में से अब तक 30 के विभिन्न दस्तावेज जांच में फर्जी पाए गए हैं। इनमें सबसे अधिक स्काउट और स्पोर्ट्स सर्टिफिकेट शामिल हैं। इसके अलावा कुछ अभ्यर्थियों के एनसीसी और शैक्षिक प्रमाणपत्र भी जांच में फर्जी मिले हैं। फिलहाल सभी अभ्यर्थियों के दस्तावेजों की जांच पूरी नहीं हुई है और अन्य रिपोर्टों का इंतजार किया जा रहा है।

जानकारी के अनुसार, जुलाई में होमगार्ड के 227 पदों पर भर्ती निकाली गई थी। इसके लिए करीब 11 हजार आवेदन प्राप्त हुए थे। आवेदन प्रक्रिया के बाद मेरिट के आधार पर 250 अभ्यर्थियों को शॉर्टलिस्ट किया गया था। इन सभी अभ्यर्थियों के दस्तावेज सत्यापन के लिए संबंधित जांच एजेंसियों को भेजे गए थे।

होमगार्ड कमांडेंट गौतम कुमार ने बताया कि सभी शॉर्टलिस्ट अभ्यर्थियों के दस्तावेज जांच के लिए भेजे गए हैं। अब तक प्राप्त रिपोर्ट में 30 अभ्यर्थियों के विभिन्न दस्तावेज फर्जी पाए गए हैं। इनमें मुख्य रूप से स्काउट और स्पोर्ट्स सर्टिफिकेट शामिल हैं, जबकि कुछ एनसीसी और शैक्षिक दस्तावेज भी फर्जी मिले हैं।

उन्होंने बताया कि अभी सभी अभ्यर्थियों के दस्तावेजों की जांच रिपोर्ट प्राप्त नहीं हुई है। जांच प्रक्रिया जारी है और शेष रिपोर्ट आने के बाद ही पूरी स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

AI से बने या किसी अन्य तरीके से तैयार हुए, जांच में होगा स्पष्ट

जांच में फर्जी पाए गए दस्तावेज आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की मदद से तैयार किए गए हैं या किसी अन्य माध्यम से बनाए गए हैं, इस संबंध में फिलहाल स्थिति स्पष्ट नहीं है। अभी तक की जांच में इन दस्तावेजों को फर्जी पाया गया है। आगे की जांच और संबंधित रिपोर्टों के आधार पर मामले की विस्तृत स्थिति सामने आने की उम्मीद है।

भर्ती प्रक्रिया में दस्तावेजों की सत्यता को लेकर सामने आए इस मामले ने अभ्यर्थियों के प्रमाणपत्रों के सत्यापन की प्रक्रिया पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब शेष रिपोर्ट आने के बाद यह स्पष्ट होगा कि कुल कितने अभ्यर्थियों के दस्तावेज फर्जी पाए जाते हैं और संबंधित अभ्यर्थियों के खिलाफ आगे क्या कार्रवाई की जाती है।