अतीक साबरी:-पिरान कलियर (रुड़की): विश्व प्रसिद्ध दरगाह अलाउद्दीन अली अहमद साबिर पाक की मर्यादा और जायरीनों की सुरक्षा को लेकर वार्ड संख्या 06 (कलियर चतुर्थ) की सभासद रेशमा परवीन ने प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। उन्होंने कार्यवाहक तहसीलदार और दरगाह प्रबंधक को एक शिकायती पत्र भेजकर दरगाह परिसर में चल रहे ‘फर्जीवाड़े’ और ‘लूट-खसोट’ का पर्दाफाश किया है।
सभासद के पत्र में गंभीर आरोप: फर्जी संतों का जमावड़ा:-सभासद रेशमा परवीन ने अपने पत्र में स्पष्ट रूप से कहा है कि दरगाह साबिर पाक के भीतर इन दिनों फर्जी सूफी संतों और फर्जी खादिमों का हर वक्त जमावड़ा लगा रहता है। ये तत्व दरगाह परिसर को अपनी जागीर समझकर अकीदतमंदों के साथ खुलेआम लूट-खसोट मचा रहे हैं। सभासद के अनुसार, बाहर से आने वाले मेहमानों (जायरीनों) को ये लोग बुरी तरह गुमराह करते हैं और खुद को दरगाह का सर्वेसर्वा बताकर सारा चढ़ावा अपनी निजी जेबों में भर लेते हैं।
सरकारी खजाने को चपत: दान पात्रों पर पहरा :- पत्र में यह चौंकाने वाला खुलासा किया गया है कि ये फर्जी तत्व जायरीनों को दरगाह के सरकारी दान पात्रों (गोलक) तक पहुँचने ही नहीं देते। मेहमानों को पैसा, सोना, चांदी या कोई भी कीमती सामान सरकारी गोलक में डालने से रोक दिया जाता है और दबाव बनाकर सारा पैसा खुद हड़प लिया जाता है। इससे दरगाह प्रशासन और वक्फ बोर्ड के राजस्व को भारी आर्थिक नुकसान पहुँचाया जा रहा है।
अधिकारियों और कर्मचारियों की मिलीभगत का अंदेशा:-,शिकायत में यह भी कहा गया है कि जब कोई इनका विरोध करता है, तो ये तत्व धौंस दिखाते हुए कहते हैं कि वे सरकारी अधिकारियों को पैसा देकर यहाँ काम करते हैं। आलम यह है कि दरगाह के कर्मचारी और पीआरडी (PRD) के जवान भी इनके आगे बेबस नजर आते हैं। आरोप है कि कुछ कर्मचारी तो इन फर्जी तत्वों से मिले हुए हैं, जबकि ईमानदार कर्मचारियों को डराया-धमकाया जाता है।
सिदरियों पर अवैध कब्जा और जायरीनों से बदसलू की:-,सभासद ने पत्र के माध्यम से प्रशासन को अवगत कराया है कि दरगाह के चारों ओर स्थित कमरों और सिदरियों पर भी इन्हीं अवैध तत्वों का कब्जा है। दूर-दराज से आने वाले जायरीनों के साथ यहाँ आए दिन अभद्र व्यवहार किया जाता है, जिससे पिरान कलियर की छवि खराब हो रही है। बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं पर इसका बहुत गलत प्रभाव पड़ रहा है।
सख्त कानूनी कार्रवाई की मांगमामले की गंभीरता को देखते हुए सभासद रेशमा परवीन ने प्रशासन से मांग की है कि इस अवैध प्रक्रिया में लिप्त सभी लोगों को चिन्हित कर उन पर सख्त कानूनी कार्यवाही की जाए। इस पत्र की प्रतिलिपि ज्वाइंट मजिस्ट्रेट रुड़की, जिला अधिकारी हरिद्वार और वक्फ बोर्ड सीईओ (देहरादून) को भी भेजी गई है, ताकि इस पूरे गोरखधंधे पर लगाम लगाई जा सके।