Roorkee news:-खाकी और ड्रग विभाग का संयुक्त एक्शन: डायपर के डिब्बों में छिपाई थी नशीली दवाइयां,

अतीक साबरी:-​रुड़की (गंगनहर)। संवाददाताउत्तराखंड में नशे के सौदागरों के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति के तहत हरिद्वार ड्रग विभाग और गंगनहर पुलिस ने एक बड़ी कामयाबी हासिल की है। रुड़की के व्यस्त इलाके चाउमण्डी स्थित ‘पल्स मेडिकल स्टोर’ पर छापेमारी कर संयुक्त टीम ने प्रतिबंधित नशीली दवाओं का भारी जखीरा बरामद किया है।

आरोपी मेडिकल स्टोर की आड़ में युवाओं की नसों में जहर घोलने का काला कारोबार कर रहा था। पुलिस ने स्टोर मालिक को गिरफ्तार कर एनडीपीएस (NDPS) एक्ट की गंभीर धाराओं में जेल भेज दिया है।​

मुखबिर की सटीक सूचना पर बिछाया जाल​:-शुक्रवार को औषधि निरीक्षक हरीश सिंह और वरिष्ठ औषधि निरीक्षक अनीता भारती को सूचना मिली कि चाउमण्डी स्थित पल्स मेडिकल स्टोर पर ड्रग लाइसेंस की आड़ में प्रतिबंधित दवाइयों की तस्करी हो रही है। ड्रग विभाग ने तुरंत कोतवाली गंगनहर से पुलिस फोर्स की मांग की। उ0नि0 नवीन कुमार, है0का0 अरविन्द भाटी और का0 अजय बिष्ट के साथ एक संयुक्त टीम बनाई गई और बी.एस.एम तिराहे पर रणनीति तैयार कर सीधे मेडिकल स्टोर पर धावा बोल दिया गया।

​गुप्त सीढ़ियां और डायपर के पीछे छिपा ‘काला साम्राज्य’​छापेमारी के दौरान जब टीम ने स्टोर के अंदरूनी हिस्से की जांच की, तो वहां एक संदिग्ध लोहे की सीढ़ी मिली, जो ड्रग लाइसेंस के नक्शे में दर्ज नहीं थी। टीम जब सीढ़ी के सहारे दूसरी मंजिल पर पहुंची, तो वहां का नजारा देखकर अधिकारी दंग रह गए।

वहां रखे हगीस डायपर के बड़े-बड़े गत्तों के नीचे भारी मात्रा में कोडीन सिरप (TOSSEX, CODISTAR), ट्रामाडोल इंजेक्शन और एल्प्राजोलम की प्रतिबंधित गोलियां छिपाई गई थीं।​बरामदगी का पूरा हिसाब (एक नजर में):​कोडीन फास्फेट सिरप: 2660 ml (करीब 2.66 लीटर) घातक नशीला सिरप।​ट्रामाडोल टेबलेट्स: 142.73 ग्राम (सैकड़ों गोलियां)।​नशीले इंजेक्शन: 16 ml ट्रामाडोल इंजेक्शन।​एल्प्राजोलम टेबलेट्स: 11.21 ग्राम नशीली गोलियां।​”लालच ने बनाया अपराधी”​पकड़ा गया अभियुक्त शुभम कुमार सैनी (उम्र 27 वर्ष) निवासी हद्दीवाला, कलियर है। पूछताछ में उसने कबूल किया कि वह अधिक मुनाफे के लालच में यह धंधा कर रहा था।

उसने बताया कि वह यह माल अमर मेडिकोज के मालिक अमर राणा से खरीदता था। मौके पर मौजूद फार्मासिस्ट मोईन आलम को शुभम ने इस काले धंधे से अनजान बताया है।​

ई-साक्ष्य ऐप पर हुई वीडियो रिकॉर्डिंग​पुलिस ने आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल करते हुए धारा 105 BNSS के तहत पूरी बरामदगी की वीडियोग्राफी ई-साक्ष्य ऐप पर की। मौके पर ही पोर्टेबल प्रिंटर से फर्द तैयार कर आरोपी के हस्ताक्षर कराए गए।

ड्रग इंस्पेक्टर हरीश सिंह ने बताया कि स्टोर मालिक ने लाइसेंस की शर्तों का भी उल्लंघन किया है, जिसके तहत कार्रवाई की जा रही है।​दहशत में नशे के सौदागर :-​इस बड़ी कार्रवाई के बाद रुड़की और आसपास के दवा विक्रेताओं में हड़कंप मच गया है। पुलिस अब मुख्य सप्लायर अमर राणा की तलाश में दबिश दे रही है।

पुलिस का कहना है कि नशे के इस नेटवर्क की जड़ें जहां तक फैली हैं, वहां तक प्रहार किया जाएगा।​टीम की घोषणा: “नशे के खिलाफ हमारी जंग जारी रहेगी। कोई भी मेडिकल स्टोर संचालक अगर बिना बिल या बिना डॉक्टर के पर्चे के ऐसी दवाएं बेचता पाया गया, तो उसका लाइसेंस निरस्त करने के साथ-साथ सख्त जेल भेजा जाएगा।” — हरीश सिंह, ड्रग इंस्पेक्टर, हरिद्वार।

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