कौशल बोध मेले में विद्यार्थियों ने दिखाई प्रतिभा, आत्मनिर्भरता का दिया संदेश

न्यूज 129 | रुड़की। शेफील्ड स्कूल रुड़की में आयोजित कौशल बोध मेले में विद्यार्थियों ने अपनी रचनात्मकता, हुनर और उद्यमशीलता का शानदार प्रदर्शन किया। मेले में विद्यार्थियों ने विभिन्न उत्पाद तैयार कर आत्मनिर्भरता, पर्यावरण संरक्षण और संसाधनों के सदुपयोग का संदेश दिया। स्कूल के चेयरमैन डॉ. राहुल बिश्नोई के मार्गदर्शन में आयोजित इस पहल ने विद्यार्थियों को किताबी ज्ञान के साथ व्यावहारिक कौशल सीखने और अपनी प्रतिभा को सामने लाने का अवसर प्रदान किया।

मेले में पुराने पेंटिंग ब्रश से तैयार आकर्षक वॉल हैंगिंग, दीपावली की सजावटी वस्तुएं, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) से संबंधित स्टॉल और पुराने कपड़ों के पुनः उपयोग को बढ़ावा देने वाला थ्रिफ्ट स्टोर आकर्षण का केंद्र रहे। वहीं, विद्यार्थियों ने चाउमीन, मोमो, सैंडविच, भेलपुरी, फ्रूट चाट, समोसे और अन्य खाद्य पदार्थों के स्टॉल लगाकर अपनी पाक कला और प्रबंधन क्षमता का भी परिचय दिया।

मनोरंजक खेलों ने मेले की रौनक बढ़ाई।विद्यार्थियों ने रीठे से तैयार शैम्पू और कंडीशनर, इत्र, डियोड्रेंट, हैंडवॉश, साबुन, क्रीम तथा प्राकृतिक फर्श एवं टाइल क्लीनर जैसे उत्पाद भी प्रदर्शित किए। इन उत्पादों के माध्यम से पर्यावरण के अनुकूल विकल्प अपनाने और अनुपयोगी वस्तुओं को दोबारा इस्तेमाल में लाने की उपयोगिता को प्रदर्शित किया गया।

चेयरमैन डॉ. राहुल बिश्नोई के मार्गदर्शन में विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा निखारने, नए प्रयोग करने और आत्मनिर्भर बनने की दिशा में आगे बढ़ने का अवसर मिला। आयोजन की योजना एवं क्रियान्वयन में अध्यापिकाओं किरण पाल, दीपाली और चंद्रकला की महत्वपूर्ण भूमिका रही। प्रधानाचार्या डॉ. रुचि रावत और डायरेक्टर दिनेश कुमार शर्मा ने भी आयोजन का मार्गदर्शन किया।

कौशल बोध मेले ने यह संदेश दिया कि शिक्षा का उद्देश्य केवल किताबी ज्ञान देना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों को जीवनोपयोगी कौशल, नवाचार और भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करना भी है।