परिजनों ने निजी स्कूल पहुंचकर किया जमकर हंगामा, प्रबंधन पर आरोपी शिक्षक को बचाने का आरोप
Dehradun Viral News देहरादून के एक नामी निजी स्कूल में कक्षा 11वीं की एक छात्रा द्वारा एक शिक्षक पर गलत तरीके से छूने और अनुचित व्यवहार करने के आरोप लगाए जाने के बाद मामला गरमा गया छात्रा द्वारा अपने परिजनों को मामले की जानकारी दिए जाने के बाद परिजन स्कूल पहुंचे और स्कूल प्रबंधन के खिलाफ जमकर हंगामा किया। घटना को लेकर स्कूल परिसर में काफी देर तक तनावपूर्ण स्थिति बनी रही।
बताया जा रहा है कि छात्रा ने परिजनों को शिक्षक के व्यवहार के संबंध में जानकारी दी थी। इसके बाद परिजनों ने स्कूल प्रबंधन से मामले में जवाब मांगा और आरोपी शिक्षक के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। परिजनों का आरोप है कि स्कूल प्रबंधन ने मामले को गंभीरता से लेने के बजाय आरोपी शिक्षक को बचाने का प्रयास किया। इसी बात को लेकर परिजनों में आक्रोश बढ़ गया और उन्होंने स्कूल में विरोध जताया।

प्रबंधन पर भी लगाए गंभीर आरोप
मामले में स्कूल के प्रिंसिपल की भूमिका को लेकर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। छात्राओं के परिजनों ने आरोप लगाया कि स्कूल प्रबंधन ने शिक्षक के खिलाफ तत्काल सख्त कार्रवाई करने के बजाय मामले को दबाने की कोशिश की। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है और स्कूल प्रबंधन का पक्ष सामने आने के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी।
शिक्षक की सेवाएं समाप्त करने की बात
वहीं, यह भी बताया जा रहा है कि मामला सामने आने के बाद स्कूल प्रबंधन ने आरोपी शिक्षक की सेवाएं समाप्त कर दी हैं। हालांकि, इस संबंध में स्कूल प्रबंधन की ओर से आधिकारिक रूप से विस्तृत जानकारी सामने आना अभी बाकी है। शिक्षक की सेवाएं समाप्त किया जाना आरोपों की पुष्टि नहीं माना जा सकता मामले में वास्तविक तथ्य जांच के बाद ही सामने आएंगे।
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पुलिस तहरीर का कर रही इंतजार
मामले की जानकारी पुलिस तक पहुंचने के बाद पुलिस भी घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए है। बताया जा रहा है कि फिलहाल पुलिस को पीड़ित पक्ष की ओर से औपचारिक तहरीर का इंतजार है। तहरीर मिलने के बाद पुलिस छात्राओं और उनके परिजनों के बयान दर्ज करने के साथ ही स्कूल प्रबंधन तथा संबंधित शिक्षक से भी पूछताछ कर सकती है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, शिकायत प्राप्त होने के बाद उपलब्ध साक्ष्यों और बयानों के आधार पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। छात्राओं की उम्र और मामले की प्रकृति को देखते हुए जांच में संबंधित कानूनी प्रावधानों का भी ध्यान रखा जाएगा।