साबिर पाक के उर्स में सफाई व्यवस्था धड़ाम, जगह-जगह कूड़े के ढेर और सड़कों पर बहता गंदा पानी

News 129:- पिरान कलियर

पिरान कलियर। हजरत मखदूम अलाउद्दीन अली अहमद साबिर पाक के सालाना उर्स के दौरान इस बार मेला क्षेत्र की सफाई व्यवस्था सवालों के घेरे में है। दरगाह साबिर पाक समेत मेला क्षेत्र के विभिन्न बाजारों और आसपास की दरगाहों के क्षेत्रों में जगह-जगह कूड़े और गंदगी के ढेर लगे होने से जायरीन व स्थानीय लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। नाली-नाले चोक होने के कारण कई स्थानों पर गंदा पानी सड़कों पर बहता नजर आ रहा है।

बताया जा रहा है कि उर्स मेले की सफाई व्यवस्था के लिए दरगाह की ओर से लाखों रुपये का ठेका दिया गया था और सफाई व्यवस्था की जिम्मेदारी नगर निगम रुड़की के माध्यम से ठेकेदार को दी गई। आरोप है कि मेला शुरू होने के बाद शुरुआती दौर में महज एक दिन औपचारिक रूप से सफाई कराए जाने के बाद व्यवस्था पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया गया।

इसके बाद मेला क्षेत्र में जगह-जगह कूड़े के ढेर जमा होते चले गए।दरगाह साबिर पाक, दरगाह गयबली साहब, दरगाह गिलगिली साहब, दरगाह इमाम साहब और दरगाह अब्दाल साहब क्षेत्र में भी सफाई व्यवस्था को लेकर लोगों में नाराजगी देखने को मिल रही है। बाजारों और सड़कों के किनारे जमा गंदगी तथा चोक नालियों से निकल रहा गंदा पानी श्रद्धालुओं के लिए परेशानी का कारण बना हुआ है।

लोगों का कहना है कि लाखों रुपये का ठेका होने के बावजूद यदि मेला क्षेत्र में नियमित और समुचित सफाई नहीं हो रही है तो ठेके की व्यवस्था की जांच बेहद जरूरी है।गंदगी के कारण बीमारी और संक्रमण फैलने का खतरा भी बढ़ गया है। जायरीन और स्थानीय लोगों ने दरगाह प्रबंधन तथा मेला अधिकारी/ज्वाइंट मजिस्ट्रेट रुड़की दीपक रामचंद्र शेट से तत्काल पूरे मेला क्षेत्र में विशेष सफाई अभियान चलाने, चोक नालियों की सफाई कराने और कीटनाशक का छिड़काव कराने की मांग की है।

लोगों का यह भी कहना है कि ज्वाइंट मजिस्ट्रेट दीपक रामचंद्र शेट ने अपने स्तर से उर्स मेले की व्यवस्थाओं को समय से पूरा कराने के लिए लगातार प्रयास किए और व्यवस्थाओं का जायजा लेते रहे, लेकिन इसके बावजूद सफाई व्यवस्था में ठेकेदार की कथित लापरवाही सामने आ रही है।

ऐसे में अब प्रशासन को सफाई ठेकेदार की कार्यप्रणाली की जांच कराकर जिम्मेदारी तय करनी चाहिए।जायरीन और स्थानीय लोगों ने मांग की है कि जब तक ठेकेदार द्वारा किए गए कार्य का भौतिक सत्यापन न हो, तब तक सफाई के नाम पर किए जाने वाले भुगतान पर रोक लगाई जाए। लोगों का कहना है कि यदि ठेके के अनुरूप सफाई कार्य नहीं हुआ है तो सरकारी अथवा दरगाह की धनराशि का भुगतान करना उचित नहीं होगा।

इससे दरगाह को होने वाले संभावित लाखों रुपये के नुकसान को भी रोका जा सकेगा।उर्स में दूर-दराज से बड़ी संख्या में आस्था के साथ पहुंच रहे जायरीनों को गंदगी और जलभराव जैसी समस्याओं से जूझना पड़ रहा है। लोगों ने प्रशासन से तत्काल प्रभावी कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि उर्स जैसे बड़े धार्मिक आयोजन में सफाई व्यवस्था सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए, ताकि जायरीनों की आस्था को ठेस न पहुंचे।